
गोला तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायतों का अंबार,
गोरखपुर जिले की गोला तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक बार फिर जनता की समस्याओं का बड़ा अंबार देखने को मिला। तहसील परिसर में सुबह से ही फरियादियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों के साथ बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे। हालांकि प्राप्त शिकायतों की तुलना में मौके पर हुए निस्तारण की संख्या बेहद कम रही, जिससे कई शिकायतकर्ता निराश भी दिखाई दिए।
उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुआ समाधान दिवस
संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी गोला अमित कुमार जायसवाल ने की। उनके साथ क्षेत्राधिकारी गोला दरवेश कुमार, तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य, नायब तहसीलदार बी.सी. चौहान, जयप्रकाश तथा खंड विकास अधिकारी गोला दिवाकर सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने एक-एक कर फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
अधिकारियों का प्रयास था कि अधिक से अधिक मामलों का तत्काल समाधान कराया जाए, लेकिन अधिकांश शिकायतें जांच और राजस्व अभिलेखों से जुड़ी होने के कारण मौके पर निस्तारण संभव नहीं हो सका।
125 शिकायतों में सिर्फ 9 मामलों का निस्तारण
संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 125 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं। भूमि विवाद, पैमाइश, नामांतरण, सीमांकन और अभिलेखीय त्रुटियों को लेकर बड़ी संख्या में लोग शिकायत लेकर पहुंचे।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए गए, लेकिन मौके पर केवल 9 मामलों का ही निस्तारण किया जा सका। शेष मामलों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया।

राजस्व मामलों को लेकर अधिकारियों का सख्त रुख
समाधान दिवस के दौरान राजस्व विभाग से संबंधित लंबित मामलों को लेकर अधिकारियों का रुख काफी सख्त दिखाई दिया। कई शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि महीनों से आदेश होने के बावजूद उनके मामलों में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इसी दौरान परसिया निवासी इन्द्रजीत मिश्र ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनके मामले में पत्थर नसब (सीमांकन) का आदेश हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन राजस्व निरीक्षक द्वारा उसका अनुपालन नहीं कराया जा रहा है। शिकायत सुनते ही तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित राजस्व निरीक्षक अरविंद कुमार को कड़ी फटकार लगाई।
लापरवाही पर निलंबन की चेतावनी
तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजस्व निरीक्षक के कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में भी इसी प्रकार की लापरवाही सामने आई तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार की इस सख्त चेतावनी की चर्चा पूरे समाधान दिवस में होती रही। फरियादियों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।
मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप
डाड़ी खास निवासी विनय कुमार मिश्रा ने भी समाधान दिवस में गंभीर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार के 12 सदस्यों के नाम पंचायत निर्वाचक नामावली से हटा दिए गए हैं।
विनय कुमार मिश्रा का कहना था कि वह ग्राम प्रधान पद के संभावित प्रत्याशी हैं और इसी कारण राजनीतिक साजिश के तहत बीएलओ तथा ग्राम प्रधान द्वारा उनके परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची से कटवा दिए गए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भूमि अभिलेख में गड़बड़ी का आरोप
रतनपुरा निवासी विद्यावती देवी ने हल्का लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि गांव की एक महिला ने सात डिसमिल भूमि का बैनामा कराया था, लेकिन अभिलेखों में 14 डिसमिल भूमि दर्ज कर दी गई।
उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद त्रुटि को ठीक नहीं किया गया। इससे भूमि विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। अधिकारियों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
फाइल गायब होने का मामला भी पहुंचा समाधान दिवस
नगर पंचायत गोला के वार्ड संख्या 18 निवासी पवन कुमार ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि धारा-24 से संबंधित उनकी फाइल राजस्व निरीक्षक रणविजय द्वारा गायब कर दी गई है।
उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का निर्देश दिया।
करंट से भैंस की मौत पर मुआवजे की मांग
ग्राम पंचायत भरौली निवासी रामनयन ने विद्युत विभाग से जुड़ी शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि गांव में विद्युत पोल में करंट उतर आने के कारण उनकी भैंस की मौत हो गई।
रामनयन ने प्रशासन से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। अधिकारियों ने विद्युत विभाग को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
अन्य विभागों की शिकायतें भी पहुंचीं
समाधान दिवस में केवल राजस्व विभाग ही नहीं बल्कि पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा पंचायत विभाग से संबंधित शिकायतें भी बड़ी संख्या में प्राप्त हुईं।
अधिकारियों ने सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा गया कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनता को समय पर न्याय दिलाने की चुनौती
गोला तहसील में आयोजित इस समाधान दिवस ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि राजस्व विभाग से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीमांकन, भूमि विवाद और अभिलेखीय त्रुटियां आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं।
यदि अधिकारियों द्वारा समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसे मामलों की संख्या और बढ़ सकती है। समाधान दिवस का उद्देश्य जनता को त्वरित न्याय और राहत प्रदान करना है, लेकिन इसके लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।
निष्कर्ष
गोला तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 125 शिकायतें दर्ज होना और केवल 9 मामलों का निस्तारण होना प्रशासनिक व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती को दर्शाता है। वहीं राजस्व मामलों में लापरवाही पर तहसीलदार द्वारा दी गई निलंबन की चेतावनी ने यह संदेश दिया है कि जनता की समस्याओं को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और लंबित मामलों के निस्तारण की गति पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।