ओमान तट पर जहाज हमले की पूरी कहानी: शिवानंद के साथियों ने सुनाई दर्दनाक आपबीती

देवरिया में पसरा मातम

देवरिया जिले के सुरौली गांव के रहने वाले शिवानंद चौरसिया की मौत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज पर हुए भीषण हमले में उनकी जान चली गई। शिवानंद जहाज पर इंजन फिटर के पद पर कार्यरत थे और कई वर्षों से समुद्री सेवा में जुड़े हुए थे।

साथियों ने बताई हमले की भयावह कहानी

शिवानंद के साथ काम कर रहे उनके साथी त्रिभुवन और नरेंद्र ने घटना की पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जहाज पर अचानक पीछे की ओर दो बड़े विस्फोट हुए। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा जहाज हिल गया। विस्फोट के तुरंत बाद आग फैलने लगी और जहाज पर अफरा-तफरी मच गई।

आग की चपेट में आ गए कई कर्मचारी

साथियों के अनुसार धमाकों के बाद जहाज के कई हिस्सों में आग लग गई। चालक दल के सदस्य अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्थिति इतनी गंभीर थी कि कुछ कर्मचारियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। शिवानंद भी आग की चपेट में आ गए और उन्हें बचाया नहीं जा सका।

24 भारतीय क्रू मेंबर थे सवार

रिपोर्टों के अनुसार जहाज पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। हमले के बाद 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि तीन भारतीय नाविक लापता हो गए थे। बाद में उनके शव बरामद किए गए, जिनमें देवरिया के शिवानंद चौरसिया भी शामिल थे।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया ने बताया कि कुछ दिन पहले ही उनकी बेटे से फोन पर बातचीत हुई थी।

उस समय सब कुछ सामान्य था। अचानक मौत की खबर मिलने से परिवार पूरी तरह टूट गया है।

गांव में मातम का माहौल है और लोगों की आंखें नम हैं।

पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

शिवानंद अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि

शिवानंद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।

उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

गांव में उमड़ा लोगों का हुजूम

शिवानंद की मौत की सूचना मिलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे। ग्रामीणों ने

परिवार को ढांढस बंधाया और सरकार से उचित सहायता एवं मुआवजे की मांग की। स्थानीय प्रशासन और

पुलिस अधिकारियों ने भी परिवार से मुलाकात कर जानकारी जुटाई।

देशभर में चर्चा का विषय बनी घटना

ओमान तट के पास हुए इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। भारतीय नाविकों की

सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिवानंद की मौत ने न केवल देवरिया बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया है।

उनके साथियों द्वारा सुनाई गई आपबीती इस हादसे की भयावहता को बयां करती है।

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