120 की रफ्तार और एक झपकी ने उजाड़ दिए चार घर, गंगा एक्सप्रेसवे हादसे में चार दोस्तों की दर्दनाक मौत

गंगा एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, चार युवकों की गई जान

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा एक्सप्रेसवे पर हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा पूरे प्रदेश को झकझोर गया। तेज रफ्तार कार और ड्राइवर को आई एक पल की झपकी चार दोस्तों की जिंदगी पर भारी पड़ गई। हादसे में कार सवार चार युवकों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी और चालक को अचानक नींद की झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित होकर खड़े ट्रक से जा टकराया।

खड़े ट्रक में पीछे से घुसी कार

जानकारी के अनुसार हादसा प्रयागराज की ओर जाने वाले मार्ग पर हुआ। तेज गति से चल रही कार सड़क किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस और राहत टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चारों युवकों को बचाया नहीं जा सका।

120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार बनी मौत की वजह

जांच में सामने आया कि कार काफी तेज गति से चल रही थी। एक्सप्रेसवे पर निर्धारित सीमा के भीतर होने के बावजूद इतनी तेज रफ्तार में चालक के लिए अचानक सामने आए खतरे पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे और एक्सप्रेसवे पर लंबे समय तक लगातार ड्राइविंग करने से चालक की सतर्कता कम हो जाती है और झपकी आने का खतरा बढ़ जाता है।

एक पल की झपकी ने खत्म कर दी जिंदगी

बताया जा रहा है कि चालक को कुछ सेकंड के लिए नींद की झपकी आ गई थी। इसी दौरान कार सड़क पर खड़े ट्रक के बेहद करीब पहुंच गई और चालक को संभलने का मौका नहीं मिला। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार हाई स्पीड पर चल रहे वाहन में केवल दो से तीन सेकंड की झपकी भी जानलेवा साबित हो सकती है। ड्राइवर की थकान और नींद सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में गिनी जाती है।

परिवारों में मचा कोहराम

चारों युवकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जिन घरों से युवक हंसते हुए निकले थे, वहां कुछ ही घंटों बाद दुख का माहौल छा गया। स्थानीय लोगों के

अनुसार मृतक आपस में अच्छे दोस्त थे और साथ यात्रा कर रहे थे।

एक्सप्रेसवे पर बढ़ती दुर्घटनाएं बनी चिंता

गंगा एक्सप्रेसवे और अन्य हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर लगातार सामने आ रहे

सड़क हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ बार-बार चेतावनी देते रहे हैं कि

तेज रफ्तार, थकान, नींद और लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

खासकर रात और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान ड्राइवरों को पर्याप्त आराम करने की सलाह दी जाती है।

सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

इस हादसे के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था, वाहन चालकों की जागरूकता और

एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान हर

कुछ घंटों में विश्राम करना, निर्धारित गति सीमा का पालन करना और थकान महसूस होने पर

वाहन रोक देना बेहद जरूरी है। इससे ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

उन्नाव के गंगा एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि

सड़क पर एक छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। 120 किलोमीटर प्रति

घंटे की रफ्तार और कुछ सेकंड की झपकी ने चार जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों को

गहरे दुख में डुबो दिया। यह घटना सभी वाहन चालकों के लिए एक चेतावनी है कि

यात्रा के दौरान सुरक्षा और सतर्कता को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

read this post :पेट्रोल पंपों पर लागू हुआ नया नियम! अब एक दिन में 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं खरीद सकेंगे, सरकार का बड़ा फैसला