सप्ताह की शुरुआत में भारी उतार-चढ़ाव के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स कारोबार की शुरुआत में 350 अंकों से अधिक उछल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी मजबूती के साथ खुला। निवेशकों की वापसी और वैश्विक संकेतों में सुधार ने बाजार को नई ऊर्जा दी।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी सबसे बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव के कारण तेल की कीमतों में तेजी आई थी, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी। लेकिन तनाव कम होने और तेल की कीमतों में नरमी आने से बाजार की धारणा सकारात्मक हुई।
निवेशकों का बढ़ा भरोसा
तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा फायदा भारत जैसे आयातक देशों को मिलता है। इससे महंगाई नियंत्रित रहने की उम्मीद बढ़ती है और कंपनियों की लागत पर दबाव कम होता है। यही कारण है कि निवेशकों ने एक बार फिर बाजार में खरीदारी शुरू की और प्रमुख सूचकांकों में मजबूती दिखाई दी।
टाटा से इंडिगो तक कई शेयरों में खरीदारी
बाजार में तेजी के दौरान कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। ऑटो, एविएशन, बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में निवेशकों ने विशेष रुचि दिखाई। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो इन क्षेत्रों को सबसे अधिक फायदा मिल सकता है।
वैश्विक बाजारों का भी मिला सहारा
भारतीय बाजार को एशियाई और वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। एशियाई शेयर बाजारों में सुधार और निवेशकों की जोखिम लेने की बढ़ती क्षमता ने भारतीय बाजार को समर्थन दिया। कई प्रमुख वैश्विक सूचकांक भी बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
सोमवार की गिरावट के बाद राहत
इससे पहले बाजार में पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारी बिकवाली देखी गई थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में थे। हालांकि मंगलवार को
परिस्थितियां बदलने के बाद निवेशकों को राहत मिली और बाजार ने मजबूत रिकवरी दर्ज की।
आगे बाजार की दिशा क्या होगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक
आर्थिक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। यदि तेल की कीमतों में
स्थिरता बनी रहती है तो बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि
वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
बाजार में आई यह तेजी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि
निवेश हमेशा सोच-समझकर और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ करना चाहिए। अल्पकालिक
उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय मजबूत कंपनियों पर फोकस करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक संकेतों में सुधार के चलते
भारतीय शेयर बाजार ने शानदार वापसी की है। सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी ने
निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो
आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
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