पीलीभीत में दर्दनाक हादसा: बस में उतरे करंट ने छीनी दो जिंदगियां, बेटे को बचाने में पिता ने भी गंवाई जान

एक पल में उजड़ गया परिवार

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। बस में अचानक करंट दौड़ने से एक युवक उसकी चपेट में आ गया। बेटे को तड़पता देख पिता उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गए। देखते ही देखते दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार और गांव में मातम का माहौल है।

बस में अचानक दौड़ा करंट

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस के संपर्क में आते ही युवक को तेज करंट लगा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बेहद खतरनाक थी। इसी दौरान युवक के पिता उसे बचाने के लिए आगे बढ़े और स्वयं भी करंट की चपेट में आ गए।

घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में दोनों की हालत गंभीर हो गई।

बेटे को बचाने की कोशिश बनी आखिरी पल

पिता अपने बेटे की जान बचाने के लिए बिना अपनी परवाह किए आगे बढ़े। लेकिन करंट इतना तेज था कि

वह भी उसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद कराने और

दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

पिता-पुत्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

पूरे गांव में पसरा मातम

इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोगों का कहना है कि

परिवार बेहद साधारण और मेहनतकश था। एक साथ पिता और बेटे की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

स्थानीय लोगों की आंखें उस दर्दनाक दृश्य को याद कर नम हो रही हैं।

हर कोई इस हादसे को लेकर दुख व्यक्त कर रहा है।

पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।

अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि बस में करंट कैसे आया और

इस हादसे के लिए जिम्मेदार कारण क्या थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिजली सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद बिजली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक वाहनों और विद्युत व्यवस्थाओं की नियमित जांच होनी चाहिए

ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग

घटना के बाद ग्रामीणों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि

यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।

परिवार को आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने की मांग भी तेज हो गई है।

पीलीभीत में हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला है।

बेटे को बचाने की कोशिश में पिता ने भी अपनी जान गंवा दी। इस घटना ने पूरे

इलाके को गमगीन कर दिया है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर है,

ताकि हादसे की असली वजह सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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