Gorakhpur AIIMS News: लड़की जैसा शरीर, लेकिन मिले पुरुषों वाले XY क्रोमोसोम; डॉक्टर भी रह गए हैरान

एम्स गोरखपुर में सामने आया दुर्लभ मामला

AIIMS Gorakhpur में एक ऐसा दुर्लभ मेडिकल मामला सामने आया है जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया। एक युवती, जो पूरी तरह लड़की की तरह दिखती है और उसी तरह व्यवहार करती है, उसकी जेनेटिक जांच में पुरुषों वाले XY क्रोमोसोम पाए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार युवती एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी ‘स्वियर सिंड्रोम’ से पीड़ित है।

शरीर लड़की जैसा, लेकिन नहीं हुए सामान्य बदलाव

एम्स के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के मुताबिक युवती में यौवनावस्था के सामान्य लक्षण विकसित नहीं हुए। उसे कभी मासिक धर्म नहीं आया और शरीर में वह बदलाव भी नहीं दिखे जो आमतौर पर किशोरावस्था में लड़कियों में होते हैं।

परिवार को लंबे समय से इस बात की चिंता थी, जिसके बाद युवती को जांच के लिए एम्स गोरखपुर लाया गया।

जेनेटिक जांच में सामने आई सच्चाई

एम्स के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ Dev Aditya Das ने बताया कि युवती की जेनेटिक जांच में XY क्रोमोसोम पाए गए, जो सामान्य रूप से पुरुषों में होते हैं।

डॉक्टरों के अनुसार जन्म के समय उसका जैविक विकास पुरुष के रूप में होना चाहिए था, लेकिन हार्मोनल असंतुलन और जेनेटिक गड़बड़ियों के कारण उसका शरीर महिलाओं की तरह विकसित हुआ।

क्या होता है स्वियर सिंड्रोम?

विशेषज्ञों के मुताबिक स्वियर सिंड्रोम एक बेहद दुर्लभ जेनेटिक बीमारी है। इसमें व्यक्ति के शरीर में

पुरुषों वाले XY क्रोमोसोम होते हैं, लेकिन शरीर का बाहरी विकास महिला की तरह होता है।

ऐसे मरीजों में हार्मोनल समस्याओं के कारण सामान्य यौवनावस्था विकसित नहीं हो पाती।

कई मामलों में मासिक धर्म भी शुरू नहीं होता।

इलाज जारी, डॉक्टरों की निगरानी में मरीज

डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल युवती का इलाज जारी है और उसकी नियमित निगरानी की जा रही है।

हार्मोन थेरेपी और अन्य मेडिकल प्रक्रियाओं के जरिए उसकी स्वास्थ्य स्थिति बेहतर करने की कोशिश की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और सही इलाज से ऐसे मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।

लोगों में बढ़ी जिज्ञासा

यह मामला सामने आने के बाद लोगों में काफी जिज्ञासा देखने को मिल रही है।

सोशल मीडिया पर भी लोग इस दुर्लभ बीमारी के बारे में जानकारी खोज रहे हैं। मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि

इस तरह के मामलों में संवेदनशीलता और सही जानकारी बेहद जरूरी है।

डॉक्टरों ने दी जागरूकता की सलाह

एम्स के डॉक्टरों ने कहा कि अगर किशोरावस्था में बच्चों में सामान्य शारीरिक

बदलाव न दिखें या मासिक धर्म शुरू न हो तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

समय पर जांच से कई गंभीर समस्याओं का पता लगाया जा सकता है।

मेडिकल साइंस के लिए महत्वपूर्ण मामला

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला मेडिकल साइंस के लिए भी महत्वपूर्ण है।

इससे डॉक्टरों को दुर्लभ हार्मोनल और जेनेटिक बीमारियों को समझने में मदद मिलेगी।

एम्स गोरखपुर में सामने आया यह दुर्लभ मामला लोगों को चौंका रहा है। लड़की की तरह दिखने वाली

युवती में पुरुषों वाले XY क्रोमोसोम मिलना मेडिकल साइंस के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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