Maharajganj News: पेट्रोल पंप पर डीजल खत्म, किसानों ने किया प्रदर्शन,
Maharajganj जिले के परतावल क्षेत्र में बढ़ते डीजल संकट ने किसानों की चिंता को आंदोलन में बदल दिया। शनिवार सुबह पिपरपाती स्थित पेट्रोल पंप पर डीजल लेने पहुंचे किसानों का गुस्सा उस समय भड़क गया जब घंटों इंतजार के बाद उन्हें बताया गया कि पंप पर डीजल उपलब्ध नहीं है।
नाराज किसानों ने ट्रैक्टर और बाइक सड़क पर खड़ी कर Gorakhpur-Maharajganj Road पर जाम लगा दिया। करीब 15 मिनट तक आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा और सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
भोर से लाइन में लगे थे किसान,
जानकारी के अनुसार आसपास के गांवों से किसान सुबह-सुबह ट्रैक्टर, ड्रम और गैलन लेकर पेट्रोल पंप पहुंचे थे।
किसानों को खेतों की जुताई, धान की नर्सरी और सिंचाई के लिए डीजल की जरूरत थी, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी तेल नहीं मिला। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
“खेती चौपट हो जाएगी”,
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि इस समय धान की नर्सरी डालने और खेत तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण समय चल रहा है।
किसानों का कहना था कि यदि समय पर डीजल नहीं मिला तो खेती पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी। कई किसानों ने कहा कि ट्रैक्टर बंद पड़े हैं और सिंचाई का काम भी रुक गया है।
चुनिंदा लोगों को तेल देने का आरोप,
कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि आम किसानों को डीजल नहीं दिया जा रहा, जबकि कुछ चुनिंदा लोगों को रात में तेल उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसी आरोप को लेकर किसानों ने पेट्रोल पंप संचालकों और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
सड़क पर लगा लंबा जाम,
किसानों द्वारा ट्रैक्टर और बाइक सड़क पर खड़े कर देने से गोरखपुर-महराजगंज मार्ग पर लंबा जाम लग गया।
यात्री और अन्य वाहन चालक काफी देर तक फंसे रहे। गर्मी के बीच लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने संभाला मोर्चा,
जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई।
Abhishek Singh ने किसानों को समझाकर किसी तरह सड़क खाली कराई और यातायात दोबारा शुरू कराया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और हालात नियंत्रण में हैं।
किसानों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी,
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द डीजल की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि खेती-किसानी के सबसे अहम समय में ईंधन संकट ने ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी बेचैनी,
डीजल की किल्लत अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रही
बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी इसका असर दिखाई देने लगा है।
खेती, सिंचाई और ट्रैक्टर संचालन पर असर पड़ने से किसान परेशान हैं।
कई गांवों में लोग घंटों लाइन में लगकर भी खाली हाथ लौट रहे हैं।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव,
लगातार बढ़ते विरोध और डीजल संकट के कारण प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो,
किसानों के प्रदर्शन और सड़क जाम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
फेसबुक, एक्स और यूट्यूब पर लोग डीजल संकट और किसानों की परेशानी को लेकर चर्चा कर रहे हैं।