गोरखपुर के चौरीचौरा क्षेत्र में
चौरीचौरा में अवैध मिट्टी खनन का मामला,
Chauri Chaura क्षेत्र के झंगहा थाना इलाके में अवैध मिट्टी खनन का मामला सामने आया है। राजी जगदीशपुर निवासी किसान अजीत कुमार निषाद ने खनन माफियाओं पर उनकी कृषि भूमि से बिना अनुमति सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी निकालकर बेचने का आरोप लगाया है।
पीड़ित किसान ने उपजिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करा दी है।
रात में खेत से निकाली गई मिट्टी,
किसान अजीत कुमार निषाद ने आरोप लगाया कि मंगलवार देर रात खेत के पास रहने वाले कुछ लोगों ने बिना जानकारी और सक्षम अधिकारियों की अनुमति के उनकी जमीन से मिट्टी का खनन किया।
शिकायत में कहा गया है कि करीब 100 से 150 ट्रॉली मिट्टी खेत से निकालकर बेच दी गई। इससे उनकी कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है।
पीड़ित किसान का कहना है कि इलाके में खनन माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम रात में मिट्टी खनन कर रहे हैं।
एसडीएम को सौंपा शिकायत पत्र,
किसान ने उपजिलाधिकारी Sachin Singh को शिकायती पत्र देकर बताया कि गाटा संख्या
2171 में स्थित उनकी 0.2760 हेक्टेयर कृषि भूमि से अवैध तरीके से मिट्टी निकाली गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से खेत से
मिट्टी निकालकर बेच दी और उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश,
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक और
Uttar Pradesh Police के झंगहा थाना प्रभारी को
जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश,
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से
अवैध मिट्टी खनन का कारोबार चल रहा है।
रात के समय ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी निकालकर बेची जाती है, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन पर सख्त रोक लगाने और
खनन माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
खेतों की उपजाऊ जमीन हो रही बर्बाद,
किसानों का कहना है कि लगातार मिट्टी खनन की वजह से खेतों की उपजाऊ परत खत्म हो रही है।
कई खेत गहरे गड्ढों में तब्दील हो गए हैं, जिससे खेती प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो
अवैध खनन से कृषि भूमि को और बड़ा नुकसान हो सकता है।
