गोरखपुर में नीट परीक्षा रद्द
NEET परीक्षा रद्द होने से टूटा छात्रों का सपना
Gorakhpur समेत देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए नीट परीक्षा रद्द होने की खबर बड़ा झटका बनकर आई है। सालभर दिन-रात मेहनत कर तैयारी करने वाले छात्र अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। गोरखपुर के कोचिंग हब बेतियाहाता और गोलघर में मायूसी का माहौल है।
छात्रों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। कई छात्र मानसिक तनाव और डिप्रेशन का सामना कर रहे हैं, जबकि अभिभावक बच्चों के करियर को लेकर चिंता में हैं।
आर्थिक और मानसिक दबाव से जूझ रहे छात्र
शहर में किराए पर कमरा लेकर तैयारी कर रहे छात्र Ayush ने बताया कि उनके पिता मुंबई में नौकरी करते हैं और आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। इसके बावजूद परिवार ने पढ़ाई के लिए हर संभव सुविधा दी।
आयुष ने कहा, “पेपर बहुत अच्छा गया था। घरवालों को काफी उम्मीद थी। अब दोबारा तैयारी करनी पड़ेगी और फिर से खर्च बढ़ जाएगा।”
माता-पिता की उम्मीदों का दबाव
एक अन्य छात्र Aditya ने कहा कि उनकी मां बेहतर शिक्षा के लिए उन्हें शहर लेकर आई हैं जबकि पिता बाहर कमाते हैं। परीक्षा रद्द होने से पूरा परिवार मानसिक तनाव में है।
97.7 प्रतिशत अभ्यर्थी हुए थे शामिल
नीट परीक्षा तीन मई को शहर के 43 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें कुल 21,291 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 20,808 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। केवल 483 छात्र अनुपस्थित रहे थे। इस तरह परीक्षा में 97.7 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई थी।
अब परीक्षा रद्द होने के बाद सभी छात्रों को दोबारा तैयारी कर परीक्षा में बैठना होगा।
काउंसलर ने छात्रों को दिया हौसला
कॅरिअर काउंसलर Purnendu Shukla ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद कई छात्र और
अभिभावक उनसे संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से निराश न होने की अपील की।
उन्होंने कहा, “इस परिस्थिति को असफलता के रूप में न देखें।
आपकी मेहनत और तैयारी आज भी उतनी ही मजबूत है।
यदि दोबारा अवसर मिलता है तो इसे बेहतर प्रदर्शन के मौके के रूप में लें।”
उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाने और भावनात्मक सहयोग देने की अपील की।
छात्रों ने साझा किया दर्द
अभ्यर्थी Dakshita ने कहा, “परीक्षा रद्द होने की खबर सुनकर बहुत निराशा हुई।
लंबे समय से तैयारी कर रही थी। पेपर भी अच्छा हुआ था। अब फिर से तैयारी करनी होगी।”
वहीं Himani ने कहा, “मन बहुत परेशान है। ऐसा लग रहा है कि सारी मेहनत बेकार हो गई।
हालांकि परिवार ने हौसला दिया है कि दोबारा शांत मन से तैयारी करनी चाहिए।”
छात्रों में भविष्य को लेकर चिंता
नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों के बीच सबसे बड़ी चिंता समय और मानसिक दबाव को लेकर है।
कई छात्रों का कहना है कि लगातार बदलती परिस्थितियों से उनका आत्मविश्वास प्रभावित हो रहा है।
