गोरखपुर में शादी का झांसा
चिलुआताल पुलिस ने रामगढ़ताल से दबोची आरोपी महिला
Gorakhpur में शादी के नाम पर लोगों को फंसाकर लूट करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। चिलुआताल पुलिस ने कथित “लुटेरी दुल्हन” को रामगढ़ताल थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार महिला की पहचान Neelam Singh के रूप में हुई है, जो बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र के मेहुली गांव की रहने वाली बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला पिछले दो वर्षों से रामगढ़ताल क्षेत्र के रुस्तमपुर इलाके में ठिकाना बदल-बदलकर रह रही थी।
शादी का झांसा देकर बुलाते थे लोग
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने गिरोह के साथ मिलकर दूसरे राज्यों के लोगों को शादी का झांसा देकर गोरखपुर बुलाती थी। इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर उनसे उगाही और लूट की वारदात को अंजाम दिया जाता था।
जांच में यह भी पता चला कि नीलम सिंह खुद को “रेखा” नाम से परिचित कराती थी। वह एक एनजीओ से जुड़कर महिलाओं को जागरूक करने का काम भी करती थी और मकान मालिकों को खुद को मॉल कर्मचारी बताती थी।
हिस्ट्रीशीटर गैंग से जुड़कर रची साजिश
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान गोरखनाथ क्षेत्र की रहने वाली Shaila Devi से हुई, जो हिस्ट्रीशीटर Ankur Singh के गिरोह से जुड़ी थी।
पैसों के लालच में दोनों ने मिलकर फर्जी शादी के जरिए लोगों को फंसाने की योजना बनाई। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
राजस्थान के परिवार को बनाया था शिकार
पुलिस के मुताबिक गिरोह ने हरियाणा निवासी Raju Sharma के माध्यम से राजस्थान के एक युवक के परिवार को लड़की की फोटो भेजकर रिश्ता तय कराया था।
12 मार्च को राजस्थान से परिवार गोरखपुर पहुंचा, जहां पहले से रची गई साजिश के तहत गिरोह के लोगों ने
खुद को पुलिसकर्मी बताकर परिवार को बंधक बना लिया और करीब तीन लाख रुपये की लूट कर ली।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने राजस्थान में जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी,
जिसे बाद में चिलुआताल थाने ट्रांसफर किया गया।
सात आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
इस मामले में पुलिस पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें अंकुर सिंह, राजू शर्मा,
धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, रवि चौधरी, मुन्ना जायसवाल, नवमी शर्मा और शैला देवी शामिल हैं।
कॉल डिटेल से खुला गिरोह का नेटवर्क
पुलिस को जब आरोपी महिला का सही पता नहीं मिला तो आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली गई।
मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड के जरिए नीलम सिंह के ठिकानों की जानकारी मिली।
जांच में पता चला कि घटना के बाद वह लगातार अपना ठिकाना बदल रही थी। पुलिस उसकी तलाश में
कुनराघाट स्थित किराए के मकान तक पहुंची लेकिन वह वहां से फरार हो चुकी थी।
पुलिस ने कही बड़ी बात
इस मामले में Gyanendra Kumar ने बताया कि आरोपी की कथित मुंहबोली बहन की लोकेशन भी मिल गई है।
उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं और जल्द पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
