42 साल पुराने दोहरे हत्याकांड से जुड़ा मामला
Orai के सिरसा कलार थाना क्षेत्र में 42 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए एक वृद्ध ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अमर सिंह (72) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हाईकोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा बरकरार रखे जाने के बाद वह गहरे तनाव में थे और जेल जाने के डर से परेशान चल रहे थे।
नलकूप की कोठी में मिला शव
घटना सिरसा कलार थाना क्षेत्र के पिथऊपुर गांव की है। बुधवार रात अमर सिंह गांव के बाहर स्थित नलकूप की कोठी पर गए थे। वहीं उन्होंने फंदा लगाकर जान दे दी।
सुबह घटना की जानकारी मिलने पर परिवार और गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
1984 में हुआ था दोहरा हत्याकांड
यह मामला वर्ष 1984 के चर्चित दोहरे हत्याकांड से जुड़ा है। पुरानी रंजिश के चलते गांव के मंदिर में सो रहे सरवन ठाकुर और वीरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस मामले में पीड़ित पक्ष के बाबूराम ने गांव के बाबूराम, अमर सिंह, रामलखन और समरथ सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
1987 में हुई थी उम्रकैद की सजा
मुकदमे की सुनवाई के बाद 27 जुलाई 1987 को अदालत ने बाबूराम, समरथ सिंह और अमर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। वहीं रामलखन को बरी कर दिया गया था।
बाद में तीनों दोषियों ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी।
तब से वे जेल से बाहर रह रहे थे।
हाईकोर्ट ने बरकरार रखी सजा
हाल ही में हाईकोर्ट ने मामले में फैसला सुनाते हुए
अमर सिंह समेत अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा।
चार मई को वकील ने अमर सिंह को फैसले की जानकारी दी थी।
परिजनों के अनुसार इसके बाद से वह लगातार तनाव में थे और
बार-बार यही कहते थे कि इस उम्र में अब जेल नहीं जाना चाहते।
बेटे ने बताई पिता की हालत
मृतक के बेटे रविंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि फैसले की
जानकारी मिलने के बाद उनके पिता काफी परेशान रहने लगे थे। परिवार ने
उन्हें समझाने की कोशिश की थी और आराम करने के लिए नलकूप पर भेजा था।
परिजनों को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेंगे।
पुलिस कर रही जांच
Varun Pratap Singh ने बताया कि वृद्ध तनाव में थे और प्रारंभिक जांच में
आत्महत्या का मामला सामने आया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
गांव में पसरा मातम
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। एक तरफ 42 साल पुराने हत्याकांड की यादें फिर ताजा हो गईं,
वहीं दूसरी ओर वृद्ध की आत्महत्या ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।