सीएम योगी का सख्त निर्देश
AIIMS Gorakhpur से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एमबीबीएस 2021 बैच की प्री-फाइनल परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्र फेल हो गए हैं, जिससे छात्रों और संस्थान दोनों में हलचल मच गई है।
क्या है पूरा मामला
प्री-फाइनल यानी नौवें सेमेस्टर की परीक्षा का परिणाम 28 अप्रैल को घोषित किया गया।
रिजल्ट सामने आते ही पता चला कि कुल 73 छात्र अनुत्तीर्ण घोषित हुए हैं। यह आंकड़ा संस्थान के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
किस विषय में कितने छात्र फेल
इस परीक्षा में सबसे ज्यादा असर सर्जरी विषय में देखने को मिला
सर्जरी में 35 छात्र फेल
मेडिसिन में 22 छात्र फेल
ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनीकोलॉजी में 15 छात्र फेल
कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन में 1 छात्र फेल
एक छात्र को गायनीकोलॉजी विषय में शून्य अंक मिलने की बात भी सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
एम्स की मीडिया सेल की चेयरपर्सन डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि यह प्री-फाइनल परीक्षा है और इसके अंक अंतिम परिणाम में नहीं जोड़े जाते।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परीक्षा का उद्देश्य छात्रों की तैयारी का आकलन करना है ताकि वे अपनी कमियों को समय रहते सुधार सकें।
शून्य अंक पर क्या कहा गया
प्रबंधन के अनुसार यदि किसी छात्र ने परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग किया होगा, तो
नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इसी कारण शून्य अंक की स्थिति भी हो सकती है।
छात्रों और फैकल्टी में हलचल
नोटिस बोर्ड पर परिणाम लगते ही छात्रों में चिंता का माहौल बन गया।
सर्जरी, मेडिसिन और गायनी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में कमजोर प्रदर्शन ने फैकल्टी को भी चौंका दिया है।
हालांकि, पीडियाट्रिक्स विषय में छात्रों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर बताया गया है।
क्यों अहम है यह परीक्षा
प्री-फाइनल परीक्षा छात्रों के लिए एक चेतावनी की तरह होती है
यह उनकी तैयारी का स्तर दिखाती है
कमजोर विषयों की पहचान होती है
फाइनल परीक्षा से
पहले सुधार का मौका मिलता है
एम्स गोरखपुर का यह परिणाम छात्रों के लिए एक संकेत है कि
उन्हें अपनी पढ़ाई और तैयारी पर और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि यह अंतिम परिणाम नहीं है,
लेकिन यह भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जरूर है।
