लखनऊ बीबीएयू में छात्रा की मौत पर बवाल फूड पॉइजनिंग के आरोप में आधी रात हंगामा

राजधानी लखनऊ में स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में एक छात्रा की मौत के बाद देर रात भारी हंगामा देखने को मिला। छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि यह मौत फूड पॉइजनिंग की वजह से हुई है, जिसके चलते पूरे परिसर में आक्रोश फैल गया।

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार बीबीएयू की छात्रा अनामिका, जो इंटीग्रेटेड बेसिक साइंस की छात्रा थी और यशोधरा गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी, कुछ दिनों पहले बीमार पड़ गई थी। छात्र संगठनों का आरोप है कि उसकी तबीयत खराब मेस का खाना खाने से बिगड़ी।

बताया जा रहा है कि पहले उसे विश्वविद्यालय परिसर के क्लिनिक से दवा दी गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में परिजन उसे घर वाराणसी ले गए, जहां अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

छात्रों का विरोध प्रदर्शन

घटना की जानकारी मिलते ही छात्र संगठनों में गुस्सा फैल गया। सैकड़ों छात्र देर रात कुलपति आवास के बाहर जमा हो गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों ने कुलपति के खिलाफ विरोध जताते हुए घेराव किया और प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।

पूरी रात कैंपस में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और स्थिति को संभालने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई।

कुलपति का बयान

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार मित्तल ने फोन पर बताया कि वे फिलहाल शहर से बाहर हैं और

लखनऊ पहुंचने के बाद ही मामले पर विस्तृत जानकारी दे सकेंगे। उनके इस बयान से छात्रों में और नाराजगी देखी गई।

प्रशासन ने बढ़ाई सख्ती

हंगामे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा कड़ी कर दी।

प्रॉक्टर की ओर से जारी नोटिस में कहा गया कि

रात 10:30 बजे के बाद गेट नंबर 2 और 3 से प्रवेश केवल वैध पहचान पत्र दिखाने पर ही मिलेगा।

साथ ही बाहरी लोगों, पूर्व छात्रों और बिना आईडी के किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर

पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने परिसर में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए हैं।

फूड पॉइजनिंग पर उठे सवाल

इस घटना के बाद विश्वविद्यालय की मेस व्यवस्था पर

गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र मांग कर रहे हैं कि:

मेस की गुणवत्ता की जांच हो
जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए
छात्रा के परिवार को न्याय मिले

यह मामला अब केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहा है।

लखनऊ के बीबीएयू में हुई इस घटना ने छात्रों की सुरक्षा और कैंपस की व्यवस्था को लेकर

गंभीर चिंता पैदा कर दी है। छात्रा की मौत के कारणों की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस मामले को कैसे संभालता है।