गोरखपुर की छात्रा अंजलि मिश्रा
सूखी गुड़हल की पत्ती पर बनाया अद्भुत मंडला आर्ट
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की छात्रा अंजलि मिश्रा ने अपनी अनोखी कला से नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने गुड़हल की सूखी पत्ती पर टूथपिक की सहायता से मात्र 4 मिनट 43 सेकंड में तीन सेंटीमीटर का बेहद बारीक ‘मंडला आर्ट’ उकेरा।
एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में मिली मान्यता
अंजलि की इस अनोखी कलाकृति को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान मिला है। इससे पहले उनका चयन इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी किया जा चुका था। अब इस उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल गई है।
ऑनलाइन प्रक्रिया में बनाया रिकॉर्ड
अंजलि ने फरवरी में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उसी प्रक्रिया के तहत उन्होंने ऑनलाइन निगरानी में यह कला तैयार की। उनकी मेहनत और हुनर को देखते हुए इसे पहले राष्ट्रीय और फिर एशिया स्तर पर चयनित किया गया।
कुलपति ने दी बधाई, बताया प्रेरणादायक उपलब्धि
इस उपलब्धि के बाद अंजलि मिश्रा ने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.
पूनम टंडन से मुलाकात की। कुलपति ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि
यह उपलब्धि न सिर्फ एक छात्रा बल्कि पूरे विश्वविद्यालय और समाज के लिए प्रेरणा है।
कम उम्र में बड़ा मुकाम
महज 23 वर्ष की उम्र में अंजलि ने यह बड़ी सफलता हासिल की है।
उनकी कला की बारीकी और समय की सटीकता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई है।
‘ग्रैंड मास्टर’ खिताब से भी सम्मानित
अंजलि मिश्रा को इस अद्भुत कला के लिए कला जगत के प्रतिष्ठित ‘
ग्रैंड मास्टर’ खिताब से भी सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान उनके हुनर और समर्पण को दर्शाता है।
युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
अंजलि की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करता है कि मेहनत,
लगन और रचनात्मकता से कोई भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।
