सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भारतीय वायुसेना का बड़ा युद्धाभ्यास शुरू हो गया है। अखलीकिरी करवत गांव के पास 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप पर यह अभ्यास किया जा रहा है, जहां हाईवे को रनवे के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता का परीक्षण हो रहा है।
सुखोई, मिराज और तेजस ने दिखाया दम
इस हाई-प्रोफाइल एयर शो में भारतीय वायु सेना के कई अत्याधुनिक लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं। इनमें सुखोई-30 MKI, मिराज-2000, जगुआर और तेजस जैसे फाइटर जेट शामिल हैं। साथ ही सी-295 और एएन-32 जैसे परिवहन विमान भी अभ्यास में भाग लेकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं।
दिन और रात दोनों समय होगा अभ्यास
यह युद्धाभ्यास दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें दिन के साथ-साथ रात में भी उड़ान और लैंडिंग का अभ्यास किया जाएगा। इसका उद्देश्य हर परिस्थिति में वायुसेना की तैयारियों को परखना और मजबूत करना है।
12 किलोमीटर हिस्सा सील, ट्रैफिक डायवर्ट
अभ्यास के मद्देनजर प्रशासन ने एक्सप्रेस-वे के करीब 12 किलोमीटर हिस्से को पूरी तरह सील कर दिया है।
यातायात को 1 मई तक के लिए डायवर्ट किया गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने दी जानकारी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जिला प्रशासन के अनुसार, डीएम इंद्रजीत सिंह ने बताया कि युद्धाभ्यास को लेकर
सभी जरूरी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और प्रशासनिक टीमों को तैनात किया गया है
ताकि किसी भी तरह की असुविधा या दुर्घटना से बचा जा सके।
क्यों अहम है यह युद्धाभ्यास?
यह अभ्यास देश की रक्षा तैयारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि युद्ध या
आपात स्थिति में पारंपरिक एयरबेस क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो
ऐसे एक्सप्रेस-वे रनवे के रूप में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
इससे वायुसेना की त्वरित तैनाती और ऑपरेशन क्षमता बनी रहती है।
आपदा और आपातकाल में भी मिलेगा फायदा
इस तरह के अभ्यास से न सिर्फ युद्ध, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के समय भी राहत और
बचाव कार्यों को तेज करने में मदद मिलती है। भारी परिवहन विमान सीधे प्रभावित क्षेत्रों के
नजदीक उतर सकते हैं, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में आसानी होती है।
