गोरखपुर नगर निगम ने पार्षद
पार्षद निधि में बढ़ोतरी से विकास को मिलेगी गति
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में शहर के विकास को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया। अब पार्षद निधि को 55 लाख से बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से वार्ड स्तर पर विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
पहली किस्त में 35 लाख का प्रस्ताव अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत पार्षदों से पहली बार में 35 लाख रुपये के विकास कार्यों का प्रस्ताव मांगा जाएगा। इसके बाद शेष 35 लाख रुपये छह महीने के भीतर, यानी सितंबर के बाद जारी किए जाएंगे। इससे योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्यों को लागू किया जा सकेगा।
पाइपलाइन और स्ट्रीट लाइट जैसे कार्यों को प्राथमिकता
बैठक में तय किया गया कि पार्षद अपने-अपने वार्डों में इस निधि का उपयोग पाइपलाइन बिछाने, स्ट्रीट लाइट लगाने और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं के लिए कर सकेंगे। इससे स्थानीय समस्याओं का तेजी से समाधान होगा और नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
संपत्ति कर जुर्माने में राहत, कमेटी करेगी समीक्षा
बैठक में नए भवनों पर संपत्ति कर के दौरान लगाए जाने वाले भारी जुर्माने से राहत देने का भी
फैसला लिया गया। इस मुद्दे पर गौरव सिंह सोगरवाल ने एक कमेटी गठित करने की बात कही,
जो सभी पहलुओं का अध्ययन कर अंतिम रिपोर्ट देगी।
खाली प्लॉट नामांतरण पर जुर्माना फिलहाल स्थगित
खाली पड़े प्लॉट के नामांतरण पर लगने वाले जुर्माने को फिलहाल रोक दिया गया है। इस पर अंतिम
निर्णय कमेटी की रिपोर्ट के बाद लिया जाएगा। यह फैसला आम नागरिकों को राहत देने वाला माना जा रहा है।
शहर में साफ-सफाई और जल निकासी पर जोर
बैठक में शहर की साफ-सफाई, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।
पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं उठाईं, जिनके समाधान के लिए सकारात्मक सहमति बनी।
गर्मियों में 50 जगहों पर लगेंगे प्याऊ
गर्मी को देखते हुए शहर में 50 स्थानों पर प्याऊ लगाने का
निर्णय लिया गया है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
इसके अलावा जोन चार कार्यालय के जीर्णोद्धार की मांग भी स्वीकार कर ली गई है।
बैठक में मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल और अन्य कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
