गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में
खेतों से उठी आग ने लिया भयानक रूप
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में गेहूं के डंठलों में लगी आग ने अचानक विकराल रूप ले लिया। पिपराइच क्षेत्र के बसडीला रौसढ़ में शुरू हुई आग तेज हवा के चलते तेजी से फैलती हुई रामूडीहा के सीवान तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया।
स्कूल से लौट रहे बच्चे आए आग की चपेट में
घटना उस समय हुई जब स्कूल से घर लौट रहे बच्चे आग की चपेट में आ गए। रामूडीहा निवासी आयुष उर्फ बिल्लू (7), शिवांगी (8) और काजल (9) झुलस गए। बच्चों की चीख-पुकार से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया।
बच्चों को बचाने में युवक भी झुलसा
गांव के निवासी दिलीप कुमार (25) ने बहादुरी दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों को आग से बाहर निकाला। इस दौरान वह खुद भी गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं 17 वर्षीय रामू यादव भी आग की चपेट में आकर घायल हो गया, जिसे परिजन तुरंत अस्पताल ले गए।
आग से घर और सामान जलकर राख
इस भीषण आग में कपिलदेव ओझा का टिनशेड मकान पूरी तरह जलकर राख हो गया। घर में रखा राशन, अनाज, कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी सामान नष्ट हो गया। करीब 20 हजार रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। इसके अलावा रमाशंकर ओझा की बांस की कोठी भी आग की भेंट चढ़ गई।
प्रशासन और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम सदर दीपक कुमार गुप्ता,
पुलिस टीम और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
घायलों को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
तेज हवा बनी आग फैलने की बड़ी वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज हवा के कारण आग
तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते बेकाबू हो गई।
अगर समय रहते राहत कार्य न होता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ता आग का खतरा
गर्मी के मौसम में खेतों में बचे डंठलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में थोड़ी सी
लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खेतों में आग
जलाने या लापरवाही से बचें ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
