इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने डिग्री
University of Allahabad ने छात्रों की सुविधा के लिए एक बड़ा और सकारात्मक निर्णय लिया है।
अब छात्रों को प्रोविजनल डिग्री, अंतिम डिग्री और माइग्रेशन प्रमाणपत्र के लिए विश्वविद्यालय के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
इन सभी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
शैक्षणिक परिषद से मिली मंजूरी
हाल ही में कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित शैक्षणिक परिषद की बैठक में इस नई डिजिटल प्रणाली को स्वीकृति दी गई।
इस फैसले से न केवल वर्तमान छात्र बल्कि पूर्व छात्र भी लाभान्वित होंगे, खासकर वे जो Prayagraj से दूर रहते हैं।
लंबी लाइनों और देरी से मिलेगी राहत
पहले छात्रों को डिग्री और माइग्रेशन प्रमाणपत्र के लिए कई काउंटरों पर जाना पड़ता था।
कई बार हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था और प्रशासनिक प्रक्रियाएं जटिल होती थीं।
अब एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए छात्र घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और शुल्क जमा करने के बाद दस्तावेज डाउनलोड कर पाएंगे।
‘नो-ड्यूज’ प्रक्रिया हुई आसान
नई व्यवस्था में ‘नो-ड्यूज’ प्रक्रिया को भी सरल बना दिया गया है।
पहले छात्रों को लाइब्रेरी, विभाग और हॉस्टल से अलग-अलग नो-ड्यूज लेना पड़ता था,
जिससे समय की काफी बर्बादी होती थी।
अब विश्वविद्यालय पहले से ही छात्रों का
रिकॉर्ड अपडेट करेगा, जिससे डिग्री जारी करने में देरी नहीं होगी।
पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा
डिजिटल सिस्टम लागू होने से पूरी
प्रक्रिया पारदर्शी हो जाएगी।
छात्र अपने आवेदन की स्थिति
ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे।
इससे प्रशासनिक गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की संभावनाएं
कम होंगी और छात्रों का भरोसा बढ़ेगा।
दूर रहने वाले छात्रों को बड़ा फायदा
जो छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद अन्य शहरों में नौकरी कर रहे हैं, उनके लिए
यह निर्णय बेहद फायदेमंद साबित होगा।
अब उन्हें केवल दस्तावेज लेने के लिए प्रयागराज आने की जरूरत नहीं होगी।
वे अपने घर बैठे ही सभी जरूरी
प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे।
University of Allahabad का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल सुधार और
छात्र हित में उठाया गया बड़ा निर्णय है।
इससे न केवल समय और पैसे की बचत होगी,
बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनेगी।
