गोरखपुर में डीडीयू से जुड़े
Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University से संबद्ध एडेड और राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया।
कुलपति Poonam Tandon के नेतृत्व में प्राचार्यों का प्रतिनिधिमंडल राजभवन (जन भवन) पहुंचा, जहां उन्होंने कुलाधिपति Anandiben Patel के समक्ष अपना विजन प्रस्तुत किया।
32 कॉलेजों के प्राचार्यों ने दी प्रस्तुति
इस बैठक में कुल 32 कॉलेजों के प्राचार्य शामिल हुए, जिनमें 21 एडेड और 11 राजकीय महाविद्यालय शामिल थे।
प्राचार्यों ने 18 प्रमुख बिंदुओं पर पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुति दी, जिसमें संस्थानों की उपलब्धियां, नवाचार और भविष्य की योजनाएं शामिल रहीं।
साथ ही छात्र-शिक्षक अनुपात और शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा पर जोर
कुलाधिपति Anandiben Patel ने उच्च शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखने की बात कही।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, कौशल वृद्धि और रोजगार क्षमता को बढ़ाना होना चाहिए।
मूल्यांकन और नवाचार पर विशेष निर्देश
उन्होंने महाविद्यालयों को राष्ट्रीय और संस्थागत मूल्यांकन प्रक्रियाओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही नवाचार को बढ़ावा देने और शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील
कुलाधिपति ने कॉलेजों से सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने और
सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की अपेक्षा की।
उन्होंने कहा कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक और
सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का नियमित संचालन जरूरी है।
कुलपति का बयान
कुलपति Poonam Tandon ने कहा कि कुलाधिपति के मार्गदर्शन से विश्वविद्यालय और
संबद्ध कॉलेजों को नई दिशा मिली है।
उन्होंने भरोसा जताया कि विश्वविद्यालय गुणवत्ता, नवाचार और
सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा।
Deen Dayal Upadhyay Gorakhpur University से जुड़े कॉलेजों की
यह पहल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और
नई दिशा देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी,
बल्कि छात्रों के भविष्य को भी मजबूती मिलेगी।
