UP: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर ‘डबल वसूली’ का खेल, टोल से ज्यादा ओवरलोड का चढ़ावा

जालौन में बड़ा खुलासा: एक्सप्रेसवे बना ओवरलोड ट्रकों का ‘सेफ कॉरिडोर’, बिना रसीद हो रही वसूली

एक्सप्रेसवे पर खुलकर चल रहा वसूली का खेल

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड ट्रकों से अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। यहां टोल टैक्स के अलावा ‘ओवरलोड’ के नाम पर हजारों रुपये नकद वसूले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस वसूली की कोई रसीद भी नहीं दी जा रही।

हर घंटे गुजर रहे 100 से ज्यादा ओवरलोड ट्रक

पड़ताल में सामने आया है कि इस रूट से हर घंटे 100 से अधिक ओवरलोड ट्रक और डंपर गुजर रहे हैं। नियमों के अनुसार इन वाहनों का वजन तौलना जरूरी होता है, लेकिन न तो कहीं तौल हो रही है और न ही किसी तरह की सख्ती दिखाई दे रही है।

टोल से ज्यादा वसूली ‘ओवरलोड’ के नाम पर

ट्रक चालकों के मुताबिक, जहां फास्टैग से करीब 1200 रुपये टोल कटता है, वहीं 2700 से 2770 रुपये तक अतिरिक्त नकद वसूली की जा रही है। यानी टोल से भी ज्यादा पैसा अवैध तरीके से लिया जा रहा है। पैसा देने के बाद ट्रकों को बिना किसी जांच के आगे बढ़ा दिया जाता है।

नंबर प्लेट छिपाकर चल रहे वाहन

जांच के दौरान कई ट्रकों की नंबर प्लेट पर मिट्टी या कालिख पुती मिली, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। इससे साफ है कि नियमों से बचने के लिए जानबूझकर ऐसे तरीके अपनाए जा रहे हैं।

सड़कें हो रहीं खराब, सुरक्षा पर खतरा

ओवरलोड वाहनों के कारण एक्सप्रेसवे की सड़कें तेजी से खराब हो रही हैं। मरम्मत के कुछ समय बाद ही सड़कें टूटने लगती हैं। इतना ही नहीं, ट्रकों की लंबी कतारों के चलते जाम की स्थिति बन रही है, जिससे एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।

ट्रक चालकों का आरोप

कुठौंद क्षेत्र के पॉइंट संख्या 232 पर खड़े ट्रक चालकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि

बिना पैसा दिए गाड़ी आगे नहीं बढ़ती। न

कोई पर्ची दी जाती है और न ही कोई आधिकारिक जांच होती है, फिर भी वसूली लगातार जारी है।

विभागों की चुप्पी पर सवाल

इस पूरे मामले में संबंधित विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। बड़े पैमाने पर हो रही

इस अवैध वसूली और नियमों की अनदेखी के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर चल रहा यह ‘डबल वसूली’ का खेल न सिर्फ कानून व्यवस्था पर

सवाल खड़ा करता है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।

अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।