पश्चिम एशिया
नौसेना ने संभाली कमान, नहीं होगी LPG की कोई कमी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने बड़ा फैसला लिया है। तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना के कई युद्धपोत फारस की खाड़ी के पास तैनात हैं। ये युद्धपोत भारत आने वाले व्यापारी जहाजों की मदद के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ईरान ने भी भारत के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने का भरोसा दिया है। तेहरान में भारतीय राजदूत और ईरानी अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद यह राहत भरा संदेश आया है। ईरानी राजदूत मोहम्मद फतहली ने कहा कि भारत और ईरान की पुरानी दोस्ती और साझा हितों के कारण भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा।
ईरान-अमेरिका तनाव में भारतीय जहाज सुरक्षित
ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट में खतरा बना हुआ है। इस संवेदनशील क्षेत्र में भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन संकल्प के तहत युद्धपोत तैनात किए हैं। ये जहाज भारत की ओर आने वाले मर्चेंट वेसल्स की निगरानी कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर एस्कॉर्ट प्रदान कर रहे हैं।
ANI और अन्य सूत्रों के अनुसार, भारतीय नौसेना के युद्धपोत फारस की खाड़ी में स्टैंडबाय पर हैं। इसका मकसद भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। हालात जितने तनावपूर्ण हों, भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री हितों पर कोई ढील नहीं दे रहा।
शिवालिक जहाज कब पहुंचेगा भारत?
दो भारतीय ध्वज वाले LPG जहाज शिवालिक और नंदा देवी ने होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित पार कर लिया है। भारतीय नौसेना के एस्कॉर्ट में ये जहाज गुजरे। शिवालिक जहाज ओमान की खाड़ी से गुजरते हुए दिखा था और अब यह 21 मार्च तक नहीं, बल्कि रिपोर्ट्स के अनुसार 16 मार्च को मुंद्रा या कांडला पोर्ट पहुंच सकता है। नंदा देवी 17 मार्च तक पहुंचने की उम्मीद है।
ये जहाज बड़ी मात्रा में LPG लेकर भारत आ रहे हैं, जिससे घरेलू आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने कहा है कि LPG की कोई कमी नहीं होगी।
फारस की खाड़ी में भारत के कितने जहाज मौजूद?
केंद्रीय पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, फारस की खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं,
जिन पर 668 भारतीय नाविक तैनात हैं। होर्मुज स्ट्रेट के पूर्व में तीन जहाजों पर 76 नाविक हैं।
कुल मिलाकर बड़ी संख्या में भारतीय समुद्री कर्मी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं।
दो जहाजों के सुरक्षित गुजरने के बाद अब 22 जहाज बाकी हैं, जिन पर 611 नाविक हैं।
सरकार कूटनीतिक प्रयासों से इनके लिए भी सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित कर रही है।
होर्मुज स्ट्रेट: वैश्विक ऊर्जा का महत्वपूर्ण चोकपॉइंट
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से हर दिन दुनिया के
तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। किसी भी रुकावट से वैश्विक संकट पैदा हो सकता है।
भारत दुनिया के बड़े तेल आयातकों में से एक है, इसलिए यहां की स्थिति पर विशेष नजर है।
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी दुनिया के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका और
इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए नहीं। भारत के लिए अपवाद बनाया गया है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत
इस घटना से साफ है कि भारतीय नौसेना और कूटनीति मिलकर ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रख रही है।
ईरान के भरोसे और नौसेना की तैनाती से LPG और अन्य ईंधन की कमी नहीं होगी।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
चौकन्नापन बरकरार रखते हुए भारत अपने हितों की रक्षा कर रहा है।
