गोरखपुर पंडित हरि सहाय पीजी कॉलेज
गोरखपुर से राजेश दीक्षित की रिपोर्ट
गोरखपुर। पंडित हरि सहाय पी.जी. कॉलेज जैंती, बेलघाट में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस पर स्वयंसेवकों के लिए कानून एवं नागरिक अधिकार विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा स्वयंसेवकों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों और समाज में कानून के महत्व के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे एक जिम्मेदार, सजग और कानून का सम्मान करने वाला नागरिक बन सकें।
मुख्य वक्ता एडवोकेट हनुमान प्रसाद दूबे का संबोधन
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य वक्ता के रूप में एडवोकेट एवं पं. हनुमान प्रसाद दूबे (संस्थापक अध्यक्ष, विभिन्न सामाजिक संगठनों) ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 14 से 32) और मौलिक कर्तव्यों (अनुच्छेद 51A) की विस्तृत जानकारी दी। एडवोकेट दूबे ने कहा, “कानून समाज में शांति, सुरक्षा और न्याय की स्थापना का सबसे मजबूत आधार है। यदि हर व्यक्ति कानून का ईमानदारी से पालन करे, तो भ्रष्टाचार, अपराध और सामाजिक अन्याय जैसी कई समस्याएं अपने आप कम हो सकती हैं।”
प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा
उन्होंने वर्तमान समय के प्रमुख मुद्दों पर भी प्रकाश डाला। साइबर अपराध (आईटी एक्ट 2000, 2023 संशोधन), महिला सुरक्षा से संबंधित कानून (IPC की धारा 354, 498A, POCSO एक्ट, घरेलू हिंसा अधिनियम), बाल अधिकार (बाल अधिकार संरक्षण आयोग, RTE एक्ट) और उपभोक्ता अधिकार (उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019) जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्वयंसेवकों को बताया कि किसी भी अन्याय या अपराध की स्थिति में कानूनी सहायता कैसे प्राप्त की जा सकती है – जैसे फ्री लीगल एड (धारा 12, लीगल सर्विसेज अथॉरिटी एक्ट), पुलिस में FIR दर्ज कराना, हेल्पलाइन नंबर (1091, 181, 112) और न्यायालय की भूमिका।

स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। कई स्वयंसेवकों ने साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और घरेलू हिंसा जैसे वास्तविक मामलों पर सवाल किए, जिनका एडवोकेट दूबे ने व्यावहारिक जवाब दिए।
एनएसएस अधिकारियों का आह्वान
इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह और डॉ. कौशल कुमार पाठक ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएसएस का मुख्य मंत्र “नॉट मी बट यू” है। उन्होंने आह्वान किया कि स्वयंसेवक न केवल खुद कानून का पालन करें, बल्कि अपने गांव, मोहल्ले और समाज में कानून के प्रति जागरूकता फैलाएं तथा सामाजिक जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करें।
प्राचार्य डॉ. सर्वेश दूबे की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सर्वेश दूबे ने की। उन्होंने कहा कि
ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बनाते हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
इस अवसर पर डॉ. हरिश्चंद्र सिंह, डॉ. इकबाल अहमद, डॉ. सचीन्द्र कुमार,
डॉ. मृत्युंजय त्रिपाठी, डॉ. कमला कान्त मिश्र, श्री दिनेश शुक्ल सहित महाविद्यालय के कई शिक्षकगण,
बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम एनएसएस शिविर की सफलता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा साबित हुआ,
जो युवाओं को न केवल सेवा भावना सिखा रहा है, बल्कि
उन्हें कानूनी रूप से जागरूक और मजबूत नागरिक बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ा रहा है।
शिविर के शेष दिनों में भी ऐसे ही उपयोगी कार्यक्रम जारी रहेंगे।
