कॉटन किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स के साथ धोखा: US-भारत डील को लेकर PM मोदी पर भड़के राहुल गांधी

कॉटन किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स के साथ धोखा: US-भारत डील को लेकर PM मोदी पर भड़के राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में लोकसभा में एक विस्फोटक बयान देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने US-भारत ट्रेड डील को “कॉटन किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स के साथ धोखा” करार दिया। राहुल गांधी ने कहा कि यह डील भारतीय कॉटन किसानों की मेहनत को बर्बाद करने वाली है, क्योंकि अमेरिकी सब्सिडी वाले सस्ते कॉटन उत्पाद भारत में बाढ़ ला देंगे। यह बयान उस समय आया जब केंद्र सरकार ट्रेड नेगोशिएशंस को अंतिम रूप देने की तैयारी में थी। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि PM मोदी किसानों को भूल गए हैं, जबकि उनकी सरकार अमीर व्यापारियों का साथ दे रही है। इस मुद्दे ने राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा दिया है।

राहुल गांधी का PM मोदी पर जोरदार प्रहार: US डील से कॉटन किसानों का नुकसान

राहुल गांधी का तीखा प्रहार: US-भारत डील कॉटन किसानों के लिए जहर क्यों? भारतीय कॉटन उत्पादन दुनिया में दूसरे नंबर पर है, मुख्य रूप से महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से। लाखों किसान अपनी आजीविका पर निर्भर करते हैं। राहुल गांधी ने संसद में तर्क दिया कि US डील से अमेरिकी कॉटन इंपोर्ट बढ़ेगा, जो भारतीय बाजार को तहस-नहस कर देगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि पहले भी ऐसी डील्स से किसानों को भारी नुकसान हुआ, जैसे 2014 के बाद कॉटन प्राइस क्रैश। कांग्रेस नेता ने PM मोदी से सवाल किया कि क्या यह डील किसानों की बजाय अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाएगी? यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

कॉटन किसानों पर संकट: US सब्सिडी का भारतीय बाजार पर असर

US-भारत ट्रेड डील के तहत कृषि उत्पादों पर टैरिफ कम करने का प्रावधान है, जिसे राहुल गांधी ने किसानों के लिए घातक बताया। अमेरिका सालाना अरबों डॉलर की सब्सिडी अपने कॉटन किसानों को देता है, जिससे उनका उत्पाद सस्ता हो जाता है। भारत में बिना सब्सिडी के कॉटन महंगा पड़ता है, इसलिए डील से इंपोर्टेड कॉटन लोकल प्रोडक्शन को पछाड़ देगा। राहुल गांधी ने आंकड़े पेश किए: भारत का कॉटन निर्यात 2025 में 20% गिरा, जबकि US एक्सपोर्ट बढ़ा। टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स, जो 10 करोड़ रोजगार देते हैं, भी प्रभावित होंगे क्योंकि लोकल कॉटन महंगा होने से उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता घटेगी। गांधी ने कहा, “यह किसानों और मजदूरों के साथ सीधा धोखा है।”

कॉटन बेल्ट इलाकों में किसान पहले से ही कर्ज के जाल में हैं। MSP न होने से भाव गिरते हैं, और अब US डील से हालात बदतर होंगे। राहुल गांधी ने मांग की कि डील में भारतीय किसानों के हित सुरक्षित रखे जाएं, वरना कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी। भाजपा ने जवाब दिया कि डील से कुल निर्यात बढ़ेगा, लेकिन विपक्ष इसे किसान-विरोधी बता रहा है। यह विवाद 2026 के बजट सत्र में गरमाया है।

टेक्सटाइल इंडस्ट्री का भविष्य खतरे में: एक्सपोर्टर्स की चिंता

भारत दुनिया का सबसे बड़ा कॉटन टेक्सटाइल एक्सपोर्टर है, लेकिन US डील से चुनौतियां बढ़ेंगी। राहुल गांधी ने हाइलाइट किया कि सस्ते US कॉटन से भारतीय मिलें बंद हो जाएंगी, जिससे लाखों नौकरियां जाएंगी। टेक्सटाइल सेक्टर GDP का 2% योगदान देता है।

गांधी ने PM मोदी को चेतावनी दी कि यह नीति चीन जैसी स्थिति पैदा करेगी,

जहां लोकल इंडस्ट्री तबाह हुई। उद्योग संगठन CITI ने भी चिंता जताई है।

राजनीतिक संदर्भ: कांग्रेस की रणनीति और भाजपा का बचाव

राहुल गांधी का यह हमला 2026 चुनावों से पहले किसान मुद्दे को भुनाने की कोशिश है।

पहले किसान आंदोलन में कांग्रेस ने समर्थन किया था। PM मोदी ने

जवाब में कहा कि डील से भारत को फायदा होगा। विपक्ष ने इसे “किसान-विरोधी” करार दिया।

आगे क्या? किसानों के लिए संभावित समाधान

राहुल गांधी ने MSP गारंटी और सब्सिडी बढ़ाने की मांग की।

सरकार को डील रिव्यू करनी चाहिए। किसान संगठन धरना दे सकते हैं।