-शांतिवन से राष्ट्रपति को खुली अपील
8 फरवरी 2026 को शांतिवन शोध पुस्तकालय, सत्यपथ गोविंद नगरी, थाना शाहपुर, गोरखपुर से पूर्वांचल गांधी कहे जाने वाले डॉ. संपूर्णानंद मल्ल ने राष्ट्रपति महोदया को एक खुला पत्र लिखा। इस पत्र में देश के ‘विजन’ की बाढ़ पर सवाल उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री का विजन, मंदिर विजन, भगवा धर्म ध्वजा विजन—ये सब अंधविश्वास, पाखंड, नफरत तक सिमट गए हैं। डमरू बजाओ, त्रिपुंड लगाओ, हनुमान पतंग उड़ाओ जैसे प्रतीकात्मक कदम जनता को भटकाते हैं, जबकि असली मुद्दे बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई और विषमता हैं। डॉ. मल्ल चेतावनी देते हैं कि लिंक एक्सप्रेसवे, इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स अच्छे हैं, लेकिन नफरत, भय, बलात्कार, हिंसा का बढ़ता ग्राफ और जल-जंगल-जमीन का विनाश कौन सा विजन है?
प्रधानमंत्री विजन की कठोर आलोचना: अंधविश्वास से आगे बढ़ें
पत्र में प्रधानमंत्री के विजन की तीखी आलोचना है। अंधविश्वास और पाखंड को बढ़ावा देकर देश नफरत की आग में झोंका जा रहा है। आटा, चावल, दाल, तेल, चीनी, दूध, दवा, शिक्षा, चिकित्सा पर टैक्स लगाकर आमजन को लूटा जा रहा है। सड़कों पर टोल टैक्स, महंगी रेल, अश्लील शब्दों का चलन—ये कैसी संस्कृति? 80 करोड़ कंगाल, 22 करोड़ कुपोषित बच्चे, 40 करोड़ बेरोजगार युवा और ढाई लाख करोड़ का विदेशी कर्ज—फिर भी अपराधियों को जेल से रिहा करने का विजन! डॉ. मल्ल पूछते हैं, आगे-पीछे, दाएं-बाएं जहां देखो विजन-विजन, लेकिन असली समस्याओं का समाधान कहां? शांतिवन शोध पुस्तकालय से यह आवाज पूर्वांचल में गूंज रही है, जहां डॉ. मल्ल जैसे समाजसेवी गोरखपुर को जागृत कर रहे हैं।
पूर्वांचल गांधी का संविधान विजन: समानता और न्याय का मार्ग
डॉ. संपूर्णानंद मल्ल का विजन संविधान पर आधारित है। गरीब-अमीर सबके लिए निशुल्क ‘एक विद्यालय’, ‘एक चिकित्सालय’, ‘एक रेलवे’—ये असली विकास है। कृषि जमीन को लोगों में बराबर बांटो, ताकि विषमता खत्म हो। गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में शांतिवन गोविंद नगरी यह संदेश दे रही है। पूर्वांचल गांधी का कॉल्ट 9415418263 पर संपर्क करें। उनका विजन गांधीवादी है—नफरत नहीं, प्रेम; पाखंड नहीं, विज्ञान; टैक्स लूट नहीं, समान बंटवारा। बेरोजगारी खत्म करो, कुपोषण मिटाओ, महंगाई रोककर सबको न्याय दो। राष्ट्रपति महोदया से अपील है कि इस संविधान विजन को अपनाएं, ताकि देश सच्चे विकास की राह पर चले।
गोरखपुर न्यूज: शांतिवन से राष्ट्रीय संदेश का प्रभाव
यह पत्र पूर्वांचल में चर्चा का विषय बना हुआ है। डॉ. मल्ल जैसे समाजसेवी गोरखपुर को जागृत कर रहे हैं।
बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई पर केंद्रित
यह संदेश राष्ट्रीय स्तर पर गूंज रहा है। शांतिवन शोध पुस्तकालय से निकली
यह आवाज संविधान की रक्षा और समानता की मांग कर रही है। गोरखपुर न्यूज में यह खबर वायरल हो रही
, जहां लोग डॉ. मल्ल के विजन को सराह रहे हैं। पूर्वांचल गांधी का
यह प्रयास देश को नई दिशा दे सकता है।
संविधान विजन अपनाएं, देश बचाएं
डॉ. संपूर्णानंद मल्ल का पत्र एक चेतावनी है कि फर्जी विजन से देश बर्बाद हो रहा है।
संविधान विजन अपनाकर ही बेरोजगारी,
गरीबी, महंगाई मिटाई जा सकती है। राष्ट्रपति महोदया से अपील है कि शांतिवन की आवाज सुनें और
सच्चा विकास सुनिश्चित करें। पूर्वांचल से निकली यह पुकार पूरे देश को जागृत करेगी।
