रिपब्लिक-डे परेड में यूपी की 4 ट्रांसजेंडर स्पेशल गेस्ट: मॉडल तो कोई फोटोग्राफर, गोरखपुर की गरिमा गृह केंद्र से जुड़ीं हैं

ऐतिहासिक मौका: ट्रांसजेंडर महिलाओं को स्पेशल आमंत्रण

26 जनवरी 2026 को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की 4 ट्रांसजेंडर महिलाएं स्पेशल गेस्ट के रूप में शामिल होंगी। यह समावेशिता का बड़ा प्रतीक है। केंद्र सरकार ने देशभर से 10,000 से ज्यादा स्पेशल गेस्ट आमंत्रित किए हैं, जिसमें पीएम स्माइल योजना के तहत पुनर्वासित ट्रांसजेंडर और अन्य वर्ग शामिल हैं।

यूपी से चुनी गई ये 4 महिलाएं गोरखपुर के गरिमा गृह (ट्रांसजेंडर शेल्टर होम) से जुड़ी हैं। गरिमा गृह ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सुरक्षित आश्रय, सहायता और सम्मानजनक जीवन प्रदान करता है। ये महिलाएं 24 जनवरी को दिल्ली रवाना होंगी और परेड देखेंगी।

इनकी कहानियां: विविध पृष्ठभूमि से सफलता

ये 4 ट्रांसजेंडर महिलाएं अलग-अलग क्षेत्रों से हैं। एक मॉडल के रूप में काम करती हैं, जहां उन्होंने फैशन और सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाई है। दूसरी फोटोग्राफर हैं, जो खूबसूरत तस्वीरें कैद करके समाज में बदलाव ला रही हैं। बाकी दो भी गरिमा गृह में रहकर विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय हैं।

गरिमा गृह में रहकर उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता सीखी, बल्कि समाज में सम्मान भी कमाया। एक्ट्रा सेवा संस्थान जैसे संगठन इनकी मदद करते हैं। ये महिलाएं ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए प्रेरणा हैं, जो दिखाती हैं कि चुनौतियों के बावजूद सफलता संभव है।

गरिमा गृह का योगदान: ट्रांसजेंडरों के लिए सहारा

गोरखपुर का गरिमा गृह यूपी में ट्रांसजेंडरों के लिए पहला बड़ा शेल्टर होम है। यहां रहने वालों को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किल ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर मिलते हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जुड़कर ये महिलाएं मुख्यधारा में आ रही हैं।

इस साल रिपब्लिक डे परेड का थीम ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर केंद्रित है। स्पेशल गेस्ट में पैरा एथलीट्स,

नेचुरल फार्मिंग करने वाले किसान, वैज्ञानिक और ट्रांसजेंडर शामिल हैं।

यूपी की ये 4 महिलाएं राज्य की समावेशी नीतियों का प्रतिनिधित्व करेंगी।

समाज के लिए संदेश: सम्मान और समानता की जीत

यह आमंत्रण ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए ऐतिहासिक है। पहले जहां समाज में भेदभाव होता था,

अब सरकार उन्हें मुख्य मंच पर बुला रही है। योगी सरकार ने ट्रांसजेंडर कल्याण के लिए

कई कदम उठाए हैं, जैसे गरिमा गृह स्थापना और हेल्पलाइन।

ये महिलाएं दिल्ली में परेड देखकर खुश हैं।

वे कहती हैं कि यह न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पूरे समुदाय की जीत है।

समाज को भी ट्रांसजेंडरों को सम्मान देना चाहिए, उन्हें रोजगार और शिक्षा के अवसर देने चाहिए।

भविष्य की उम्मीद: और ज्यादा बदलाव

रिपब्लिक डे 2026 परेड में यूपी का टेबल्यू भी होगा, जो बुंदेलखंड की संस्कृति दिखाएगा।

लेकिन ट्रांसजेंडर गेस्ट का शामिल होना सबसे बड़ा संदेश है – भारत समावेशी राष्ट्र है।

गरिमा गृह की ये महिलाएं अब और ज्यादा प्रेरित हैं।

वे वापस लौटकर अन्य ट्रांसजेंडरों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेंगी।

आशा है कि ऐसे कदम से समाज में बदलाव आएगा और ट्रांसजेंडर समुदाय को पूरा सम्मान मिलेगा।