गोला में मिली 15 वर्षीय लावारिस किशोरी, पहचान नहीं होने पर पुलिस ने चाइल्ड लाइन भेजा

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर। गोला थाना क्षेत्र में मंगलवार को सड़क पर घूमती मिली 15 वर्षीय किशोरी की पहचान नहीं हो पाने के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित संरक्षण के लिए चाइल्ड लाइन गोरखपुर भेज दिया। पुलिस की इस संवेदनशील कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।

चीनी मिल रोड पर मिली किशोरी

जानकारी के अनुसार, गोपालपुर-माल्हनपार चीनी मिल रोड पर मंगलवार अपराह्न पुलिस को करीब 15 वर्षीय एक किशोरी लावारिस हालत में मिली। पूछताछ के दौरान किशोरी ने अपना नाम चंदा बताया। उसने अपने पिता का नाम रमेश और गांव का नाम बारीगांव, थाना सिकरीगंज बताया।

किशोरी के बताए पते के आधार पर पुलिस ने उसके परिवार और पहचान की पुष्टि करने का प्रयास शुरू किया।

बताए पते पर भी नहीं हुई पहचान

गोला के कोतवाल सीपी पांडेय के निर्देश पर पुलिस टीम किशोरी द्वारा बताए गए गांव पहुंची। वहां रमेश नाम के एक व्यक्ति से संपर्क कर किशोरी की तस्वीर दिखाई गई। पुलिस के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति ने तस्वीर देखने के बाद किशोरी को अपनी बेटी होने से इनकार कर दिया।

इसके बाद पुलिस के सामने किशोरी की पहचान और उसके परिजनों तक पहुंचने की चुनौती बनी रही।

पुलिस ने किशोरी को भेजा चाइल्ड लाइन

पहचान की पुष्टि नहीं होने के बाद पुलिस ने किशोरी को अकेला छोड़ने के बजाय उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी। पुलिस ने वाहन की व्यवस्था कर उसे पुलिस लाइन पहुंचाया और इसके बाद चाइल्ड लाइन गोरखपुर भेज दिया।

किशोरी के सुरक्षित संरक्षण के साथ अब उसके परिवार और वास्तविक पहचान की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

मटमैले रंग का सलवार-समीज पहने थी किशोरी

पुलिस के अनुसार, किशोरी ने मटमैले रंग का सलवार-समीज पहन रखा था। पूछताछ में वह अपना नाम चंदा और पिता का नाम रमेश बता रही थी, जबकि जाति के बारे में जानकारी नहीं दे सकी।

उसके बताए पते की पुलिस द्वारा जांच कराई गई, लेकिन वहां से पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी।

पुलिस की कार्रवाई की हो रही सराहना

किशोरी की पहचान नहीं होने के बावजूद पुलिस ने उसे असुरक्षित स्थिति में छोड़ने के बजाय

सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की कार्रवाई की। स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की है।

नाबालिग किशोरी के मामले में उसकी सुरक्षा और पहचान की पुष्टि सबसे महत्वपूर्ण है।

अब संबंधित बाल संरक्षण व्यवस्था के माध्यम से

उसके परिजनों की तलाश और आगे की आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद है।

पहचान के लिए जांच जारी

फिलहाल किशोरी की वास्तविक पहचान और उसके परिवार का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस द्वारा बताए गए पते की जांच की जा चुकी है, लेकिन वहां से किशोरी की पहचान की पुष्टि नहीं हुई।

किशोरी को चाइल्ड लाइन भेजे जाने के बाद संबंधित बाल संरक्षण तंत्र के

माध्यम से मामले में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

निष्कर्ष

गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में सड़क पर मिली 15 वर्षीय किशोरी की पहचान नहीं होने पर

पुलिस ने उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसे चाइल्ड लाइन

गोरखपुर भेज दिया। किशोरी ने अपना नाम चंदा, पिता का नाम रमेश और

बारीगांव का पता बताया था, लेकिन पुलिस जांच में बताए गए पते से उसकी पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी।

पुलिस की इस संवेदनशील पहल की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है

FAQ

Q1. गोरखपुर में किशोरी कहां मिली?
किशोरी गोला थाना क्षेत्र के गोपालपुर-माल्हनपार चीनी मिल रोड पर मिली।

Q2. किशोरी की उम्र कितनी बताई गई है?
पुलिस के अनुसार किशोरी की उम्र करीब 15 वर्ष है।

Q3. किशोरी ने अपना नाम क्या बताया?
किशोरी ने अपना नाम चंदा बताया है।

Q4. किशोरी ने पिता और गांव का क्या नाम बताया?
उसने पिता का नाम रमेश और गांव बारीगांव, थाना सिकरीगंज बताया।

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