उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में हुई तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में जलभराव और आवागमन की समस्या सामने आई है। वहीं गंगा, गोमती, सरयू और मंदाकिनी नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ की आशंका को और बढ़ा दिया है।
भारी बारिश और इससे जुड़े अलग-अलग हादसों में चार लोगों की मौत की सूचना है। प्रतापगढ़ में सबसे अधिक 147 मिमी बारिश, जबकि सोनभद्र में करीब 140 मिमी बारिश दर्ज की गई। हालात को देखते हुए प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
यूपी में मानसून की तेज बारिश से बढ़ी परेशानी
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश के कारण कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार बारिश के बीच नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
गंगा, गोमती, सरयू और मंदाकिनी का बढ़ा जलस्तर
प्रदेश में भारी बारिश का असर प्रमुख नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। गंगा, गोमती, सरयू और मंदाकिनी में पानी बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
चित्रकूट में खतरे के निशान से ऊपर मंदाकिनी
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि नदी खतरे के निशान से करीब साढ़े चार मीटर ऊपर पहुंच गई है।
मंदाकिनी का पानी रामघाट क्षेत्र तक पहुंचने से स्थानीय गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। रामघाट में जलभराव के कारण लोगों को अंतिम संस्कार जैसी जरूरी गतिविधियों में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रतापगढ़ में 147 मिमी और सोनभद्र में 140 मिमी बारिश
प्रदेश में बारिश की तीव्रता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि प्रतापगढ़ में 147 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं सोनभद्र में 140 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
तेज बारिश के चलते कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लगातार बारिश से सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति और रोजमर्रा की जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है।
21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
नदियों के बढ़ते जलस्तर और मौसम की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचने की अपील की जा रही है।
बलिया में 50 से ज्यादा घरों में घुसा पानी
बारिश और बढ़ते जलस्तर का असर बलिया में भी दिखाई दे रहा है। यहां 50 से अधिक घरों में पानी घुसने की सूचना है। घरों में पानी पहुंचने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने
सुरक्षित आवागमन और दैनिक जरूरतों को लेकर मुश्किलें बढ़ गई हैं।
स्थानीय स्तर पर प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहा है और
जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
चंदौली के करीब 60 गांवों से संपर्क प्रभावित
चंदौली में भी बारिश और जलभराव के कारण ग्रामीण इलाकों की स्थिति प्रभावित हुई है।
करीब 60 गांवों से संपर्क प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
सड़कों और संपर्क मार्गों पर पानी भरने के कारण ग्रामीणों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।
ऐसे हालात में राहत और बचाव टीमों की सक्रियता महत्वपूर्ण हो गई है।
सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर में बांधों के गेट खोले गए
जलस्तर और बारिश की स्थिति को देखते हुए सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर में बांधों के
गेट खोले जाने की जानकारी सामने आई है। बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद
नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन की निगरानी और बढ़ गई है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने तथा
अनावश्यक रूप से नदी या पानी भरे क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।
बारिश से जुड़े हादसों में चार लोगों की मौत
प्रदेश में भारी बारिश के बीच अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की
मौत की सूचना भी सामने आई है। तेज बारिश के दौरान जलभराव, नदी-नालों के तेज
बहाव और कमजोर ढांचों के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासन के सामने इस समय प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है।
अगले कुछ दिन यूपी के लिए अहम
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता को देखते हुए आने वाले कुछ दिन महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो नदियों का जलस्तर और
बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने की आशंका है।
लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर
ध्यान देने तथा नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश ने कई जिलों में हालात चुनौतीपूर्ण कर दिए हैं। 21 जिलों में अलर्ट,
चार लोगों की मौत, नदियों के बढ़ते जलस्तर और कई इलाकों में जलभराव ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है,
जबकि बलिया और चंदौली में भी बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है।
आने वाले दिनों में मौसम और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
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