गोरखपुर में छात्रा से कथित अश्लील बातचीत का ऑडियो वायरल, प्रबंधक पुत्र पर मुकदमा; गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में छात्रा से कथित अश्लील बातचीत का 29 सेकेंड का ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पीड़िता की तहरीर पर विद्यालय प्रबंधक के पुत्र के खिलाफ बीएनएस, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

गोरखपुर। गोला थाना क्षेत्र के एक निजी विद्यालय से जुड़ा छात्रा और विद्यालय प्रबंधक के पुत्र के बीच कथित अश्लील बातचीत का ऑडियो वायरल होने का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर गोला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

वायरल ऑडियो के बाद मचा हड़कंप

जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर करीब 29 सेकेंड का एक ऑडियो वायरल हुआ था। वायरल ऑडियो में दो लोगों के बीच बातचीत सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। इसमें एक आवाज विद्यालय के प्रबंधक पुत्र प्रतीक तिवारी की और दूसरी आवाज उसी विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा की होने की बात कही जा रही है।

ऑडियो में कथित तौर पर छात्रा से पढ़ाई और भविष्य बनाने का लालच देकर आपत्तिजनक मांग किए जाने की बात सामने आने का दावा किया गया। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और ऑडियो की सत्यता तथा उसमें मौजूद आवाजों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया मुकदमा

पीड़िता की तहरीर के आधार पर गोला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(2), 75, 351(2), पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 तथा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है।

ग्रामीणों ने विद्यालय का किया घेराव

वायरल ऑडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से फैल गया। घटना की जानकारी मिलने पर आक्रोशित ग्रामीण विद्यालय परिसर में पहुंच गए और विद्यालय का घेराव किया। इससे मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने लोगों से कानून हाथ में न लेने और जांच में सहयोग करने की अपील की। इसके बाद पुलिस ने प्राप्त तहरीर और सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है। क्षेत्राधिकारी गोला दरवेश कुमार के अनुसार, आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले में वायरल ऑडियो समेत अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

ऑडियो की सत्यता की भी होगी जांच

पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में वायरल ऑडियो की सत्यता और उसमें बातचीत करने वाले व्यक्तियों की पहचान शामिल है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि ऑडियो वास्तविक है या इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ अथवा एडिटिंग की गई है।

इसके साथ ही पुलिस बातचीत में शामिल लोगों, ऑडियो के स्रोत और सोशल मीडिया पर उसके प्रसार से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर सकती है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने से बढ़ी गंभीरता

चूंकि मामला नाबालिग छात्रा से संबंधित बताया जा रहा है, इसलिए पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं। ऐसे मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई संवेदनशील तरीके से की जाती है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता की पहचान की गोपनीयता बनाए रखते हुए मामले की विवेचना की जा रही है।

फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी और वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच इस मामले के प्रमुख बिंदु हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नोट: वायरल ऑडियो में कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। खबर में आरोपों को पुलिस में दर्ज शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया गया है। मामले में अंतिम तथ्य पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।