दिल्ली में स्वाइन फ्लू का बढ़ता प्रकोप: 2,300 से ज्यादा H1N1 मामले, इन्फ्लूएंजा मरीजों की संख्या 3,000 के करीब

राजधानी दिल्ली में मौसमी इन्फ्लूएंजा और H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के हवाले से 25 अगस्त को सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में इस साल अब तक करीब 3,000 इन्फ्लूएंजा के मामले सामने आए हैं। इनमें 2,308 मामले H1N1 संक्रमण से जुड़े हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है।

दिल्ली में H1N1 बना इन्फ्लूएंजा का प्रमुख स्ट्रेन

राजधानी में सामने आ रहे इन्फ्लूएंजा के मामलों में H1N1 की हिस्सेदारी सबसे अधिक बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार करीब 3,000 मौसमी फ्लू मामलों में 2,308 संक्रमण H1N1 के हैं। इसे आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू कहा जाता है। बाकी मरीजों में इन्फ्लूएंजा के अन्य स्ट्रेन पाए गए हैं।

H1N1 संक्रमण में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में संक्रमण गंभीर होने पर सांस लेने में परेशानी जैसी समस्या भी सामने आ सकती है। लगातार तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द या लक्षण बिगड़ने की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुलाई आपात बैठक

मामलों में तेजी को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्थिति की समीक्षा के लिए आपात बैठक बुलाई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, नई दिल्ली नगर परिषद और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड से जुड़े अधिकारियों ने मौसमी इन्फ्लूएंजा और अन्य बीमारियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है और स्थिति को नियंत्रण में बताया है।

अस्पतालों में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड

बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार दिल्ली के अस्पतालों में संक्रमित मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों में दवाओं, जांच सुविधाओं और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता पर निगरानी बढ़ाई गई है।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। मरीजों का इलाज किया जा रहा है और अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। हालांकि, लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।

किन लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत?

स्वाइन फ्लू और मौसमी इन्फ्लूएंजा संक्रमण से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ऐसे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप लेने का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है।

यदि किसी व्यक्ति को लगातार तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम की स्थिति या लक्षणों के लगातार बिगड़ने जैसी समस्या हो तो चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों में हाथों की नियमित सफाई, खांसते या छींकते समय

मुंह-नाक ढंकना और बीमार होने की स्थिति में दूसरों के निकट संपर्क से बचना महत्वपूर्ण माना जाता है।

भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर

चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है। वायरल संक्रमण के मामलों में

स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार करना बेहतर माना जाता है।

दिल्ली में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

दिल्ली में H1N1 के 2,300 से अधिक मामलों और कुल मौसमी इन्फ्लूएंजा के करीब

3,000 मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को निगरानी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। सरकार की ओर से

अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है और संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना,

अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन बनाए रखना और संक्रमण के

प्रसार को नियंत्रित करना है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि

वे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरी सावधानियां अपनाएं।

आंकड़ों को लेकर क्यों दिखा अंतर?

दिल्ली में H1N1 के आंकड़े अलग-अलग तारीखों पर अपडेट हुए हैं, इसलिए विभिन्न रिपोर्टों में संख्या

अलग दिखाई दे रही है। 23 अगस्त तक सामने आई एक रिपोर्ट में 2,602 कुल इन्फ्लूएंजा मामलों में

1,777 H1N1 संक्रमण बताए गए थे, जबकि 25 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग के हवाले से

करीब 3,000 कुल मामलों और 2,308 H1N1 संक्रमण की जानकारी सामने आई।

इसलिए इस खबर में 25 अगस्त के बाद उपलब्ध ताजा आंकड़ों को आधार बनाया गया है।

निष्कर्ष

दिल्ली में H1N1 और मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में बढ़ोतरी के बीच

स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों को अलर्ट किया गया है। करीब

3,000 इन्फ्लूएंजा मामलों में 2,308 H1N1 संक्रमण सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने

स्थिति की समीक्षा की है। स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने लोगों से घबराने के बजाय

सावधानी बरतने की अपील करते हुए अस्पतालों में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने की बात कही है।

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