आज के समय में भारत से ईरान सड़क मार्ग से जाना बेहद कठिन और लगभग असंभव लगता है, लेकिन 1970 और 1980 के दशक में यह एक लोकप्रिय और रोमांचक यात्रा हुआ करती थी। उस दौर में लोग बस पकड़कर हजारों किलोमीटर का सफर तय करते हुए विदेश पहुंच जाते थे। यह यात्रा केवल एक सफर नहीं बल्कि अलग-अलग देशों की संस्कृति को करीब से जानने का अनोखा अनुभव भी थी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत से अंतरराष्ट्रीय बस सेवा की शुरुआत मुख्य रूप से Indian Tourism Development Corporation और कुछ निजी ऑपरेटरों के सहयोग से हुई थी। उस समय हवाई यात्रा काफी महंगी होती थी, इसलिए लोग सड़क मार्ग को किफायती विकल्प मानते थे।
यह सेवा खासकर उन यात्रियों के बीच लोकप्रिय थी जो यूरोप या मध्य एशिया तक कम खर्च में यात्रा करना चाहते थे।

बस का पूरा रूट
भारत से ईरान जाने वाली बसें लंबा और रोमांचक रास्ता तय करती थीं।
संभावित रूट इस प्रकार था
Delhi से शुरुआत
Amritsar
Lahore
Peshawar
Kabul
Herat
Tehran तक सफर
यह यात्रा कई देशों और सीमाओं को पार करते हुए लगभग 3000 से 4000 किलोमीटर तक फैली होती थी।
सफर का अनुभव
यह यात्रा 7 से 10 दिनों तक चलती थी, जिसमें यात्रियों को अलग-अलग संस्कृतियों, भाषाओं और खानपान का अनुभव मिलता था।
बसें बीच-बीच में रुकती थीं ताकि यात्री आराम कर सकें। रास्ते में पहाड़, रेगिस्तान और ऐतिहासिक शहर इस सफर को और भी रोमांचक बनाते थे।
किराया कितना था
उस समय भारत से ईरान तक बस यात्रा का किराया लगभग 2500 से 3000 रुपये के बीच होता था, जो उस दौर में भी एक किफायती अंतरराष्ट्रीय यात्रा मानी जाती थी।
आज के हिसाब से यह रकम कम लग सकती है, लेकिन उस समय के अनुसार यह एक बड़ी लेकिन सुलभ लागत थी।
क्यों बंद हो गई यह सेवा
समय के साथ यह बस सेवा धीरे-धीरे बंद हो गई।
इसके पीछे कई कारण रहे
अफगानिस्तान में युद्ध और अस्थिरता
भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव
वीजा और सुरक्षा
नियमों का सख्त होना
हवाई यात्रा का सस्ता और
आसान होना
इन सभी कारणों की वजह से यह ऐतिहासिक बस यात्रा आज सिर्फ यादों तक सीमित रह गई है।
क्या आज संभव है यह यात्रा
आज के समय में भारत से ईरान सड़क मार्ग से जाना बहुत जटिल प्रक्रिया है। इसके लिए
कई देशों के वीजा, सुरक्षा मंजूरी और विशेष परमिट की जरूरत होती है।
हालांकि कुछ एडवेंचर ट्रैवलर आज भी इस तरह की यात्रा करने की कोशिश करते हैं,
लेकिन यह आम लोगों के लिए आसान नहीं है।
निष्कर्ष
भारत से ईरान तक बस यात्रा एक ऐसा दौर था जब लोग सीमाओं को पार कर
सड़क के रास्ते दुनिया देखने निकल पड़ते थे।
यह सिर्फ यात्रा नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव था, जिसे आज भी लोग याद करते हैं।
यह कहानी हमें यह दिखाती है कि कैसे समय के साथ यात्रा के तरीके बदलते गए और
आज हवाई यात्रा ने उस रोमांचक सफर की जगह ले ली है।
