West Asia Conflict
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। United States और Iran के बीच बढ़ते टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के तीन युद्धपोतों को निशाना बनाकर हमला करने की कोशिश की गई, लेकिन अमेरिकी सेना ने समय रहते इस हमले को नाकाम कर दिया। जवाबी कार्रवाई में अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों और नावों पर हमला किया।
अमेरिकी नौसेना ने किया पलटवार
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, गुरुवार को अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे। इसी दौरान ईरान की ओर से बिना किसी उकसावे के मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि सभी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया और किसी भी अमेरिकी जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा।
अमेरिका ने इसके बाद आत्मरक्षा में कार्रवाई करते हुए उन ठिकानों को निशाना बनाया जहां से हमले किए गए थे। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसका उद्देश्य युद्ध शुरू करना नहीं है, लेकिन अपने सैनिकों और जहाजों की सुरक्षा के लिए वह पूरी तरह तैयार है।
ट्रंप का बड़ा बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए इस हमले की पुष्टि की। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोत सुरक्षित तरीके से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गए और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
उन्होंने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में ईरान की कई हमलावर नावों को तबाह कर दिया गया। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल और ड्रोन दागे गए थे, लेकिन अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने उन्हें बीच रास्ते में ही नष्ट कर दिया।
ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां कट्टरपंथी ताकतें सत्ता चला रही हैं और अगर ईरान ने जल्द समझौता नहीं किया तो अमेरिका और भी कठोर कदम उठा सकता है।
ईरानी मीडिया ने भी मानी गोलीबारी
दूसरी ओर ईरानी सरकारी मीडिया ने भी केश्म द्वीप और
बंदर अब्बास इलाके में गोलीबारी और धमाकों की पुष्टि की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सेना और ‘दुश्मन ताकतों’ के बीच मुठभेड़ हुई। कई इलाकों में
हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई और आसमान में विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं।
हालांकि, ईरान की ओर से अभी तक अमेरिकी दावों पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित
तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हो गई है।
ईरान ने जहाजों की जांच और टैक्स वसूली के लिए नई सरकारी एजेंसी बना दी है।
इसके चलते फारस की खाड़ी में कई व्यापारिक जहाज फंस गए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया में तेल और गैस सप्लाई का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है।
यहां बढ़ते तनाव का असर सीधे वैश्विक बाजार पर दिखाई दे रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है।
दुनिया की बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ा दी है।
कई देशों ने होर्मुज में ईरान की सख्ती को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो
इसका असर वैश्विक व्यापार, तेल सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
