बहराइच। थाना सुजौली क्षेत्र में संचालित एक गौशाला में पशुओं की देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर से सामने आई शिकायत के मुताबिक गौशाला में रखे गए गोवंश को पर्याप्त चारा और पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि कई पशु पिछले चार-पांच दिनों से भोजन और पानी के अभाव में कमजोर हालत में पड़े हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थिति लगातार बिगड़ने के बावजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों की ओर से अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त भूसा, हरा चारा और स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं की गई तो कमजोर एवं बीमार पशुओं की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
कई दिनों से चारा-पानी नहीं मिलने की शिकायत
गौशाला को लेकर सामने आई शिकायत में कहा गया है कि वहां मौजूद पशुओं के लिए पर्याप्त भोजन की व्यवस्था नहीं है। कुछ गोवंश काफी कमजोर दिखाई दे रहे हैं और लंबे समय से एक ही स्थान पर पड़े होने की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि लगातार भोजन और पानी की कमी रहने से गंभीर रूप से कमजोर पशुओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ऐसे पशुओं को तत्काल पर्याप्त आहार और पानी उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सकीय जांच की जरूरत बताई जा रही है।
गौशाला की व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल
गौशालाओं में गोवंश के संरक्षण के साथ उनके भोजन, पेयजल, साफ-सफाई और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करना संबंधित तंत्र की जिम्मेदारी है। ऐसे में सुजौली क्षेत्र की गौशाला से जुड़ी शिकायत ने व्यवस्थाओं की निगरानी और पशुओं की देखभाल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर गौशाला की वास्तविक स्थिति का जायजा लें। साथ ही पशुओं की संख्या, उपलब्ध चारे,
पानी और चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति की जांच की जाए।
बीमार और कमजोर पशुओं के उपचार की जरूरत
स्थानीय लोगों के अनुसार यदि गौशाला में कोई पशु गंभीर रूप से बीमार या अत्यधिक कमजोर है तो
उसे तत्काल पशु चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। समय पर उपचार और
पर्याप्त पौष्टिक आहार नहीं मिलने पर ऐसे पशुओं की हालत और बिगड़ सकती है।
लोगों ने मांग की है कि पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंचकर गोवंश के
स्वास्थ्य की जांच करे और जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराए।
अधिकारियों से तत्काल निरीक्षण की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है।
उनका कहना है कि मौके पर जाकर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पशुओं के लिए निर्धारित चारा,
पानी और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं या नहीं।
इसके साथ ही गौशाला में साफ-सफाई, पशुओं के रहने की व्यवस्था और
चिकित्सा सुविधाओं की भी जांच किए जाने की मांग की गई है।
आधिकारिक निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल गौशाला में पशुओं की वास्तविक स्थिति और चारा-पानी की
उपलब्धता की आधिकारिक पुष्टि संबंधित अधिकारियों के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय स्तर से लगाए गए आरोपों की जांच आवश्यक है।
यदि शिकायत सही पाई जाती है तो पशुओं के लिए तत्काल पर्याप्त भोजन,
स्वच्छ पानी और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी होगा। साथ ही लापरवाही सामने आने पर
जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय किए जाने की मांग भी उठ रही है।
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