
गोरखपुर में रास्ता बंद करने पर बवाल: ताजियादारी मार्ग पर दीवार से ग्रामीणों का विरोध
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के उरुवा थाना क्षेत्र में एक पुराने सार्वजनिक मार्ग को बंद करने के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। यह घटना ग्राम रौजा दरगाह की है, जहां ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के एक पूर्व बसपा नेता ने ताजियादारी के मुख्य मार्ग पर दीवार खड़ी कर रास्ता पूरी तरह बंद कर दिया। इस रास्ते का उपयोग कई वर्षों से गांव के लोगों के आने-जाने और मोहर्रम के दौरान ताजियादारी जुलूस निकालने के लिए होता रहा है। अचानक रास्ता बंद होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया।
सुबह से शुरू हुआ सड़क जाम और विरोध
बताया जा रहा है कि रविवार रात में ही मार्ग पर दीवार खड़ी कर दी गई। सोमवार तड़के सहरी के लिए उठे रोजेदारों ने देखा कि उनका पुराना संपर्क मार्ग बंद है। यह देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और लोगों की भीड़ जुटने लगी। सुबह होते-होते गुस्सा बढ़ा, कुछ लोगों ने दीवार गिराने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और मारपीट की स्थिति बन गई। मामला तूल पकड़ता चला गया।
महिलाओं को आगे कर किया गया प्रदर्शन
नाराज ग्रामीणों ने सोमवार सुबह करीब 10 बजे उरुवा-धुरियापार मुख्य मार्ग पर चटाई बिछाकर धरना शुरू किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर मार्ग जाम कर दिया, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।
पुलिस ने पहुंचकर खुलवाया जाम
घटना की सूचना मिलते ही उरुवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर सड़क जाम खत्म कराया और यातायात सुचारु किया। इसके बाद दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों को थाने ले जाकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ बीएनएस की धारा 170 के तहत चालान किया गया है। प्रशासन ने कहा कि विवाद की जांच चल रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
ताजियादारी के रास्ते को लेकर बढ़ सकता है विवाद
ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता केवल सामान्य आवागमन के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक
परंपराओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। मोहर्रम के दौरान इसी मार्ग से ताजिया जुलूस निकलता है।
यदि रास्ता बंद रहा तो आने वाले समय में बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है।
गांव वालों ने प्रशासन से मांग की है कि समय रहते मामले का समाधान किया जाए और
पुराने सार्वजनिक रास्ते को बहाल किया जाए, ताकि सामाजिक या धार्मिक तनाव न पैदा हो।
प्रशासन से समाधान की मांग
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं किया तो भविष्य में
आंदोलन और तेज हो सकता है। उनका कहना है कि गांव में शांति बनाए रखने के लिए
सार्वजनिक मार्ग को अविलंब बहाल किया जाना जरूरी है। स्थानीय लोग मानते हैं कि
समय रहते उचित कार्रवाई न हुई तो मोहर्रम में ताजियादारी के दौरान बड़ा विवाद हो सकता है।
यह घटना गोरखपुर में सामुदायिक सद्भाव और सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग को लेकर सवाल खड़े करती है।
प्रशासन की जांच के बाद ही विवाद का स्थायी समाधान संभव होगा।
