यूपी में एआई ब्लैकमेलिंग
उत्तर प्रदेश में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक बुजुर्ग पिता ने बेटे की नेपाल जेल में बंदी, लगातार ब्लैकमेलिंग और कर्ज के बोझ से तंग आकर अपनी जान दे दी। पुलिस में दर्ज तहरीर के अनुसार, आरोपी लोगों ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बने अश्लील वीडियो का इस्तेमाल कर बुजुर्ग को लंबे समय से प्रताड़ित किया। मकान हड़पने की मंशा से की गई इस साजिश ने परिवार को बर्बाद कर दिया। यह मामला विकास नगर कॉलोनी से जुड़ा है, जहां सुरेंद्र सिंह नामक व्यक्ति ने अंत में आत्महत्या कर ली। बेटे अविनाश सिंह ने पुलिस में तहरीर देकर पांच आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ विकास नगर कॉलोनी में?
अविनाश सिंह ने तहरीर में बताया कि विकास नगर कॉलोनी निवासी राजेश जायसवाल, राजकुमार यादव, उमेश जायसवाल, दिनेश जायसवाल और अनिल चौहान आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आरोप है कि सभी आरोपी साजिश कर पिता सुरेंद्र सिंह को लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। आरोपी मकान हड़पना चाहते थे। इसलिए आरोपी पिता की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें लगातार ब्लैकमेल कर रहे थे।
सुरेंद्र सिंह के बेटे अविनाश सिंह नेपाल में थे, जहां वे किसी मामले में जेल में बंद थे। इस दौरान आरोपी लोगों ने परिवार पर दबाव बढ़ाया। सुरेंद्र सिंह को बार-बार धमकियां मिलीं, पैसे मांगे गए और एआई से बने फर्जी अश्लील वीडियो दिखाकर परिवार की इज्जत पर सवाल उठाए गए। बुजुर्ग कर्ज में डूबते गए, क्योंकि ब्लैकमेलर्स को चुप कराने के लिए पैसे देते रहे। अंत में मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके सुरेंद्र सिंह ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसमें आत्महत्या की पुष्टि हुई।
पुलिस में तहरीर और आरोपियों पर गंभीर धाराएं
अविनाश सिंह ने पुलिस थाने में तहरीर देकर पांचों आरोपियों पर IPC की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 506 (आपराधिक धमकी), 384 (उगाही), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (जालसाजी के लिए दस्तावेज बनाना) और IT एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
एआई ब्लैकमेलिंग का बढ़ता खतरा: यूपी में नए ट्रेंड
यह घटना उत्तर प्रदेश में एआई टेक्नोलॉजी से बने डीपफेक वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग के
बढ़ते खतरे को उजागर करती है। हाल के महीनों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं,
जहां फर्जी वीडियो बनाकर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि
एआई टूल्स आसानी से उपलब्ध होने से अपराधियों को नया हथियार मिल गया है।
पुलिस को अब साइबर क्राइम यूनिट को मजबूत करने और जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
परिवार का दर्द और समाज पर सवाल
अविनाश सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पिता ने
परिवार की इज्जत बचाने के लिए चुप रहे, लेकिन
अंत में बोझ नहीं सह सका। परिवार अब न्याय की उम्मीद कर रहा है। यह घटना समाज में ब्लैकमेलिंग,
कर्ज के जाल और पारिवारिक प्रताड़ना के बढ़ते मामलों को दर्शाती है। ग्रामीण और
शहरी इलाकों में ऐसे क्राइम बढ़ रहे हैं, जहां लोग मदद मांगने से डरते हैं।
पुलिस जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है। यह मामला
यूपी क्राइम न्यूज में सुर्खियां बटोर रहा है और लोगों में एआई ब्लैकमेलिंग के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है।
Read this post: Bank Kanpur Controversy: UP में ‘ठाकुर हूं मैं’ वाले वीडियो पर बैंककर्मी की सफाई; कहा- सहकर्मी के पति से था विवाद, अपनी जाति पर है गर्व