यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमला
गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी कट्टरपंथी जीशान का एनकाउंटर में मौत हो गई। क्राइम ब्रांच की गहन जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जीशान को कट्टरपंथी संगठनों से लाखों रुपये का चंदा मिला था, जिसमें खोड़ा और लोनी क्षेत्र के कुछ लोगों का बड़ा योगदान था। जीशान सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था और युवाओं को भड़काने वाली विवादित तकरीरें करता था। पुलिस के अनुसार वह दिसंबर 1992 में हुए धार्मिक स्थल विध्वंस का बदला लेने की साजिश रच रहा था।
जीशान का एनकाउंटर और पृष्ठभूमि
एक लाख रुपये का इनामी जीशान गाजियाबाद पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ था। वह इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर मजहबी कट्टरपंथी विचार फैलाता था। सलीम वास्तिक जैसे लोगों का मजहबी कट्टरपंथ का विरोध करने पर वह उन्हें निशाना बनाता था। सलीम वास्तिक पर हमला अचानक नहीं हुआ था। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर जीशान और उसके साथियों ने वास्तिक को खुलेआम चेतावनी दी थी। क्राइम ब्रांच ने जीशान के फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स से कई विवादित वीडियो बरामद किए हैं, जिसमें वह बदले की भावना से भड़काने वाली बातें करता दिख रहा है।
खोड़ा-लोनी से लाखों का चंदा: जांच में खुलासा
क्राइम ब्रांच की जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि जीशान को कट्टरपंथी संगठनों और कुछ स्थानीय लोगों से भारी भरकम चंदा मिला था। खासतौर पर खोड़ा और लोनी क्षेत्र से लाखों रुपये का फंडिंग हुआ। यह चंदा हथियार खरीदने, साजिश रचने और हमले की तैयारी में इस्तेमाल हुआ। पुलिस ने जीशान के कुछ सहयोगियों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि चंदा इकट्ठा करने के लिए स्थानीय स्तर पर एक नेटवर्क काम कर रहा था। जीशान का मकसद सिर्फ सलीम वास्तिक तक सीमित नहीं था, बल्कि वह बड़े स्तर पर कट्टरपंथी गतिविधियां फैलाने की फिराक में था।
सलीम वास्तिक पर हमला: क्या था मकसद?
सलीम वास्तिक लगातार सोशल मीडिया पर कट्टरपंथ और कट्टर विचारधारा का विरोध करते रहे हैं। उनकी वीडियो में सामाजिक सद्भाव और संविधान की रक्षा की बातें होती हैं। जीशान और उसके साथी इसे बर्दाश्त नहीं कर पाए। हमले से पहले जीशान ने कई बार वास्तिक को धमकी भरे मैसेज भेजे थे। हमले के बाद जीशान फरार हो गया था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और इंटेलिजेंस इनपुट से उसका एनकाउंटर हुआ।
एनकाउंटर में जीशान के पास से हथियार और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
गाजियाबाद पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। क्राइम ब्रांच अब जीशान के चंदा देने वालों और
सहयोगियों की तलाश में जुटी है। खोड़ा और लोनी क्षेत्र में कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर कट्टरपंथ फैलाने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है।
जीशान जैसे तत्वों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने का अभियान चल रहा है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री कितनी खतरनाक हो सकती है।
युवाओं को गुमराह करने वाले ऐसे लोगों पर समय रहते अंकुश लगाना जरूरी है। गाजियाबाद पुलिस की
इस सफलता से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है। लेकिन
जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।