उत्तर प्रदेश में साइबर ठगों
State Bank of India के एक बैंक मैनेजर साइबर ठगों के जाल में फंसकर 42.50 लाख रुपये गंवा बैठे। शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप निवेश ग्रुप के जरिए अपने जाल में फंसाया।
मामला सामने आने के बाद पीड़ित अधिकारी ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ खेल
जानकारी के अनुसार बैंक मैनेजर जनवरी के अंत और फरवरी की शुरुआत में दो व्हाट्सएप निवेश समूहों से जुड़े थे।
इन ग्रुपों में कुछ लोग खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताते थे और बड़े मुनाफे का दावा करते थे। नियमित ऑनलाइन सत्रों में निवेश संबंधी टिप्स दिए जाते थे और कथित मुनाफे के स्क्रीनशॉट शेयर कर लोगों का भरोसा जीता जाता था।
ठगों ने खुद को बड़े निवेश समूहों और विदेशी संस्थागत निवेशकों से जुड़ा बताया था।
फर्जी ऐप डाउनलोड कर खुलवाया ट्रेडिंग अकाउंट
साइबर ठगों ने पीड़ित को एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया और उसके जरिए निवेश खाता खुलवाया।
फर्जी दस्तावेज और रिपोर्ट दिखाकर यह भरोसा दिलाया गया कि प्री-ओपन मार्केट ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाया जा सकता है। इसी लालच में बैंक मैनेजर ने लाखों रुपये निवेश कर दिए।
पहले दिखाया मुनाफा, फिर लगाया बड़ा झटका
शुरुआती दौर में पीड़ित के खाते में मुनाफा दिखाया गया ताकि उनका भरोसा और मजबूत हो सके।
इसके बाद आरोपियों ने IPO और अन्य निवेश योजनाओं में ज्यादा रकम लगाने का दबाव बनाया। पीड़ित लगातार निवेश करते गए और कुल रकम 42.50 लाख रुपये तक पहुंच गई।
लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की तो तकनीकी दिक्कत और प्रक्रिया संबंधी बहाने बनाकर निकासी रोक दी गई।
जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
कुछ समय बाद जब बैंक मैनेजर को संदेह हुआ तो उन्होंने जांच कराई। जांच में सामने आया कि जिन कंपनियों, निवेश योजनाओं और कार्यक्रमों का हवाला दिया जा रहा था, वे पूरी तरह फर्जी थे।
इसके बाद उन्हें साइबर ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कर रही तकनीकी जांच
साइबर थाना प्रभारी Rashid Khan के अनुसार यह एक सुनियोजित साइबर ठगी का मामला है।
उन्होंने बताया कि ठग पहले छोटे मुनाफे का लालच देकर भरोसा जीतते हैं और बाद में बड़ी रकम हड़प लेते हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है।
इसके साथ ही बैंक खातों और ट्रांजेक्शन डिटेल की भी जांच की जा रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर मिलने वाले निवेश ऑफर्स से सावधान रहने की जरूरत है।
यदि कोई व्यक्ति कम समय में ज्यादा मुनाफे का दावा करे या अनजान
ऐप डाउनलोड करने को कहे तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए।
किसी भी निवेश से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब एक बैंक अधिकारी तक
साइबर ठगी का शिकार हो सकता है, तो आम लोगों को कितनी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
कई यूजर्स ने साइबर जागरूकता बढ़ाने और ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म्स पर सख्त निगरानी की मांग की है।
उत्तर प्रदेश में सामने आया यह साइबर फ्रॉड मामला ऑनलाइन निवेश के बढ़ते
खतरे को उजागर करता है। व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए
SBI मैनेजर से 42.50 लाख रुपये की ठगी ने लोगों को सतर्क कर दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
