UP CM योगी बाराबंकी रैली
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विवादास्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग कयामत का दिन आने का इंतजार कर रहे हैं, वो कयामत के लिए न जिएं। हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो। योगी ने बाबरी मस्जिद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि अब बाबरी मस्जिद कभी नहीं बनेगी, ये सपना पूरा नहीं होगा। यह बयान राम मंदिर निर्माण के बाद की राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है और विपक्षी दलों में हलचल मचा सकता है। बाराबंकी जनसभा में योगी के इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
बाराबंकी जनसभा में क्या बोले CM योगी?
बाराबंकी में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर बात की। लेकिन उनका मुख्य फोकस उन लोगों पर था जो ‘कयामत’ के इंतजार में हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग कयामत का दिन आने का इंतजार कर रहे हैं। वो कयामत के लिए न जिएं। हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखो।” योगी ने बाबरी मस्जिद का जिक्र करते हुए कहा कि राम मंदिर बन चुका है और अब बाबरी मस्जिद का सपना कभी पूरा नहीं होगा। यह बयान अयोध्या राम मंदिर के उद्घाटन के बाद की स्थिति को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।
योगी ने आगे कहा कि भारत में सभी को कानून के दायरे में रहना होगा। उनका इशारा उन तत्वों की ओर था जो धार्मिक उन्माद फैलाते हैं। जनसभा में विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि UP में कानून का राज है और कोई भी अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाबरी मस्जिद का मुद्दा: क्यों फिर गरमाया?
बाबरी मस्जिद का मुद्दा 1992 से ही राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण शुरू हुआ और 2024 में उद्घाटन हुआ। योगी का यह बयान विपक्षी दलों को निशाने पर लेता है, जो कभी-कभी बाबरी मुद्दे को उठाते हैं। उनका कहना कि “बाबरी मस्जिद कभी नहीं बनेगी” साफ संकेत है कि सरकार इस मुद्दे पर अपना रुख नहीं बदलेगी।
विपक्षी नेता अखिलेश यादव और अन्य ने इस बयान की आलोचना की है।
उन्होंने कहा कि योगी का बयान धार्मिक सद्भाव को बिगाड़ सकता है
। सोशल मीडिया पर #YogiBarabanki और #BabriMasjid ट्रेंड कर रहे हैं।
योगी सरकार का रुख: कानून-व्यवस्था पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने जनसभा में UP की कानून-व्यवस्था को अपनी सरकार की
बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पहले
माफिया और अराजक तत्व राज्य को लूटते थे, लेकिन अब कायदे से रहना सीख लिया है। बाबरी मुद्दे पर
उनका बयान भी इसी कड़ी का हिस्सा है, जहां उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में कानून सर्वोपरि है।
बाराबंकी में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए योगी ने सड़कें, अस्पताल और शिक्षा पर बजट आवंटन का उल्लेख किया।
लेकिन उनका यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, खासकर 2027 चुनाव से पहले।
सोशल मीडिया और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बयान के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की राय बनी है। समर्थकों ने इसे साहसिक बताया,
जबकि आलोचकों ने धार्मिक उकसावा कहा। कांग्रेस ने कहा कि यह संविधान विरोधी है।
सपा ने कहा कि योगी सिर्फ धार्मिक मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं।
यह बयान UP की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।
योगी का रुख साफ है कि बाबरी का सपना अब हकीकत नहीं बनेगा।
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