परिचय
मथुरा के वृंदावन स्थित चैतन्य विहार सेक्टर-2 में पानी की अंडरग्राउंड टंकी की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आने से चार छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक 15 वर्षीय छात्र गंभीर रूप से घायल है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुख्य खबर
मथुरा के वृंदावन में मंगलवार रात एक दर्दनाक हादसे ने गुरुकुल परिसर में पढ़ने वाले छात्रों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। चैतन्य विहार सेक्टर-2 स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में पानी की अंडरग्राउंड टंकी की सफाई के दौरान चार छात्रों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टैंक के अंदर बनी जहरीली गैस के कारण यह हादसा हुआ। एक अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल है और उसका उपचार जारी है।
टंकी की सफाई के लिए उतरे थे छात्र
बताया गया कि गुरुकुल परिसर में बनी पानी की टंकी काफी समय से बंद थी। यह अंडरग्राउंड टैंक करीब 12 से 14 फीट गहरा बताया जा रहा है। कई दिनों से टैंक के अंदर से दुर्गंध आने की बात सामने आई थी। मंगलवार रात करीब 10 बजे टैंक की सफाई का काम शुरू किया गया।
सबसे पहले मोटर की मदद से टैंक में जमा पानी बाहर निकाला गया। इसके बाद एक छात्र सफाई करने के लिए टैंक के अंदर उतरा। कुछ समय बाद वह अचानक बेहोश हो गया। उसके अंदर गिरने के बाद वहां मौजूद अन्य छात्रों ने उसे बचाने का प्रयास किया।
साथी को बचाने के प्रयास में अन्य छात्र भी उतरे
पहले छात्र के बेहोश होने के बाद उसे बचाने के लिए एक-एक करके अन्य छात्र भी टैंक में उतर गए। बताया गया कि अंदर मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आने से ये छात्र भी बेहोश हो गए। देखते ही देखते पांच छात्र टैंक के अंदर फंस गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुकुल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने बचाव अभियान शुरू किया और सभी छात्रों को टैंक से बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया।
चार छात्रों को डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
अस्पताल में चिकित्सकों ने चार छात्रों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान मनु कटारे, विशु, देवांश और आर्यन के रूप में बताई गई है। इन छात्रों की उम्र करीब 16 से 20 वर्ष के बीच थी।
वहीं 15 वर्षीय छात्र रुद्र गंभीर रूप से घायल है।
उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृत छात्रों के परिवारों में मातम छा गया।
गुरुकुल परिसर में भी शोक का माहौल है।
गुरुकुल में करीब 100 छात्र रहते हैं
प्रशासन के अनुसार गुरुकुल में करीब 200 बच्चों का पंजीकरण है।
इनमें लगभग 100 बच्चे परिसर में रहकर पढ़ाई करते हैं।
हादसे के बाद प्रशासन ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक तौर पर टैंक में जहरीली गैस बनने की वजह से हादसा होने की बात सामने आई है।
प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने घटना का लिया संज्ञान
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने भी घटना का संज्ञान लिया है।
संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच करने तथा पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने चारों मृत छात्रों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के आधार पर हादसे की परिस्थितियों से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी सामने आएगी।
हैडलाइन
टंकी की सफाई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
साथियों को बचाने उतरे छात्र भी गैस की चपेट में आए
चार छात्रों की मौत, एक की हालत गंभीर
प्रशासन ने शुरू की हादसे की जांच
Facts/Details

मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में टैंक के अंदर जहरीली गैस बनने के कारण हादसा होने की बात सामने आई है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को जांच और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
FAQ
Q1. मथुरा में हादसा कहां हुआ?
हादसा वृंदावन के चैतन्य विहार सेक्टर-2 स्थित पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में हुआ।
Q2. हादसे में कितने छात्रों की मौत हुई?
हादसे में चार छात्रों की मौत हुई है।
Q3. छात्रों की मौत कैसे हुई?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पानी की अंडरग्राउंड टंकी में बनी जहरीली गैस की चपेट में आने से छात्रों की मौत हुई।
Q4. क्या हादसे में कोई छात्र घायल भी हुआ है?
हां, 15 वर्षीय छात्र रुद्र गंभीर रूप से घायल है और उसका उपचार चल रहा है।
Q5. प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
वृंदावन में हुआ यह हादसा बेहद दुखद है। टंकी जैसे बंद स्थानों की सफाई के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल प्रशासन घटना की जांच कर रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद हादसे से जुड़े अन्य तथ्य स्पष्ट होने की उम्मीद है।