जाति-धर्म का भेद मनुष्य में नहीं, मन के अंदर है: नफरत की जड़ जाति नहीं, बुरे कर्म और स्वार्थ हैं

रहस्यमयी विचार: इंसान की पहचान जाति-धर्म से नहीं, उसके कर्म और मानवता से होनी चाहि रहस्यमयी विचार: क्या जाति और धर्म मनुष्य के शरीर में मौजूद हैं? मनुष्य के जन्म के साथ उसकी पहचान को जाति और धर्म के अलग-अलग खांचों में बांटने की परंपरा ने समाज को लंबे समय से प्रभावित किया है। लेकिन … Read more