पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के लोगों के लिए सितंबर का तीसरा सप्ताह बेहद खास होने जा रहा है। भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम (SKAT) पहली बार मेरठ के आसमान में अपने शानदार हवाई करतबों का प्रदर्शन करेगी। 19 और 20 सितंबर 2026 को होने वाले इस विशेष एयर शो में नौ हॉक एमके-132 विमान एक साथ उड़ान भरते हुए सटीक फॉर्मेशन और रोमांचक एरोबेटिक करतब दिखाएंगे।
सूर्यकिरण टीम के प्रदर्शन की खासियत यह है कि कई विमान बेहद कम दूरी पर एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर उड़ान भरते हैं। ऐसे में मेरठवासियों को आसमान में लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और चर्चित ‘डीएनए’ फॉर्मेशन जैसे करतब देखने को मिल सकते हैं।
पहली बार मेरठ के आसमान में दिखेगी सूर्यकिरण टीम
सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए 2026 के प्रदर्शन सत्र की शुरुआत की जानकारी साझा की थी। इसके बाद मेरठ को प्रदर्शन के लिए चुने जाने की खबर सामने आई। यह शहर के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले सूर्यकिरण टीम ने मेरठ में इस तरह का प्रदर्शन नहीं किया है।
19 और 20 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता, पायलटों का प्रशिक्षण और टीमवर्क आसमान में नजर आएगा। नौ विमानों की एक साथ उड़ान को देखने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग खुले आसमान की ओर नजरें लगाए रहने की उम्मीद है।
नौ हॉक विमान बनाएंगे शानदार फॉर्मेशन
सूर्यकिरण टीम इस प्रदर्शन में लाल और सफेद रंग वाले हॉक एमके-132 विमानों का इस्तेमाल करेगी। ये विमान भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा लाइसेंस के तहत बनाए गए हैं।
टीम के विमानों के बीच बेहद कम दूरी बनाए रखते हुए फॉर्मेशन उड़ान भरना इस प्रदर्शन का सबसे रोमांचक हिस्सा होता है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ फॉर्मेशन में विमानों के बीच दूरी पांच मीटर से भी कम रह सकती है। इतनी नजदीकी उड़ान के लिए पायलटों के बीच असाधारण तालमेल, अभ्यास और अनुशासन की जरूरत होती है।
लूप, बैरल रोल और डीएनए फॉर्मेशन का दिखेगा रोमांच
मेरठ में होने वाले एयर शो में सूर्यकिरण टीम के पायलट कई तरह के एरोबेटिक करतब प्रदर्शित करेंगे। इनमें लूप, बैरल रोल, इनवर्टेड फ्लाइंग और प्रसिद्ध ‘डीएनए’ फॉर्मेशन शामिल हैं।
इन करतबों के दौरान विमानों की गति, दिशा और ऊंचाई में तेजी से बदलाव होता है। सभी विमान निर्धारित फॉर्मेशन में रहते हुए एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाए रखते हैं। यही वजह है कि सूर्यकिरण के प्रदर्शन को केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पायलटों की उच्च स्तरीय ट्रेनिंग और पेशेवर दक्षता का प्रदर्शन भी माना जाता है।
तिरंगे के रंगों से सजेगा आसमान
एयर शो का एक प्रमुख आकर्षण विमानों से निकलने वाला रंगीन धुआं भी होगा। सूर्यकिरण के हॉक विमानों में विशेष स्मोक पॉड्स लगाए गए हैं। इनकी मदद से आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुएं की लकीरें बनाई जा सकती हैं।
जब नौ विमान एक साथ फॉर्मेशन में उड़ेंगे और पीछे तिरंगे के रंग दिखाई देंगे, तो मेरठ के लोगों के लिए यह दृश्य खास अनुभव बनने की उम्मीद है।
मेरठ के दो पायलट भी टीम का हिस्सा
इस एयर शो का भावनात्मक पहलू भी काफी खास है। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम में मेरठ से जुड़े पायलट भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और स्क्वाड्रन लीडर
राहुल सिंह मेरठ के रहने वाले हैं। ऐसे में अपने ही शहर के ऊपर
सूर्यकिरण फॉर्मेशन का हिस्सा बनकर उड़ान भरना उनके लिए भी विशेष अवसर होगा।
टीम में स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल भी शामिल हैं।
अपने शहर के आसमान में उड़ान भरते इन पायलटों को देखने का उत्साह स्थानीय लोगों में भी बढ़ सकता है।
1996 में बनी थी सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम
सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का गठन वर्ष 1996 में हुआ था। भारतीय वायुसेना की यह टीम पिछले
तीन दशकों में देश और विदेश में सैकड़ों हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। मई 2026 में टीम ने अपनी स्थापना के
30 वर्ष पूरे किए। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, टीम 800 से अधिक एयर डिस्प्ले कर चुकी है।
सूर्यकिरण केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता का
प्रदर्शन कर चुकी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार टीम ने चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और
संयुक्त अरब अमीरात समेत कई देशों में एयर शो में हिस्सा लिया है।
युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक होगा कार्यक्रम
सूर्यकिरण टीम के एयर शो का उद्देश्य केवल हवाई करतब दिखाना नहीं है।
ऐसे प्रदर्शन के जरिए युवाओं को भारतीय वायुसेना और सशस्त्र बलों में
करियर के अवसरों के प्रति जागरूक और प्रेरित भी किया जाता है।
मेरठ में होने वाला प्रदर्शन भी युवाओं के लिए खास आकर्षण बन सकता है।
पायलटों की सटीक उड़ान, अनुशासन और टीमवर्क को देखकर सेना और
वायुसेना में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को प्रेरणा मिल सकती है।
कब होगा मेरठ में एयर शो?
मेरठ में सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का प्रदर्शन 19 और 20 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है।
दोनों दिन आसमान में सूर्यकिरण टीम के नौ हॉक विमान अपने एरोबेटिक कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन का समय सुबह 9:45 बजे से 11 बजे के बीच बताया गया है। हालांकि,
दर्शकों को कार्यक्रम से जुड़ी अंतिम स्थानीय व्यवस्था और किसी भी बदलाव के लिए भारतीय वायुसेना या
स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता देनी चाहिए।
मेरठवासियों के लिए यादगार बनेगा आयोजन
मेरठ में पहली बार सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का प्रदर्शन शहर के लिए एक यादगार
मौका माना जा रहा है। नौ हॉक विमानों की फॉर्मेशन उड़ान, आसमान में एरोबेटिक करतब और
तिरंगे के रंगों की धुआं लकीरें इस कार्यक्रम को खास बना सकती हैं।
19 और 20 सितंबर को होने वाला यह एयर शो भारतीय वायुसेना की क्षमता के साथ-साथ मेरठ से
जुड़े पायलटों के लिए भी गौरव का अवसर होगा। खासकर उन लोगों के लिए यह प्रदर्शन देखने लायक होगा,
जो वायुसेना, विमानन और रक्षा सेवाओं में रुचि रखते हैं।
निष्कर्ष
मेरठ में पहली बार सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का एयर शो शहर के लिए
एक ऐतिहासिक और रोमांचक आयोजन बनने जा रहा है।
नौ हॉक एमके-132 विमान आसमान में सटीक फॉर्मेशन बनाते हुए अपनी दक्षता दिखाएंगे।
तिरंगे के रंगों से सजा आसमान और मेरठ के अपने पायलटों की मौजूदगी इस आयोजन को और खास बनाएगी।
19 और 20 सितंबर 2026 को मेरठवासियों की नजरें आसमान पर रहेंगी,
जहां भारतीय वायुसेना की शौर्य, अनुशासन और उत्कृष्टता की झलक दिखाई देगी।
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