राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर की गोला तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को 53 फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर चार मामलों का निस्तारण किया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्य खबर
गोला तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में क्षेत्र के अलग-अलग गांवों और नगर पंचायत क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने जमीन, रास्ते, जलभराव, आवास और पेड़ कटवाने समेत कई समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। समाधान दिवस की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी गोला मनीष कुमार ने की। इस दौरान कुल 53 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से चार मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया। बाकी प्रार्थनापत्र संबंधित विभागों को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
समाधान दिवस में क्षेत्राधिकारी गोला दरवेश कुमार, तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य और नायब तहसीलदार जयप्रकाश समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार समाधान करने के निर्देश दिए।
सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत
विकास खंड बड़हलगंज के गौरी, केदार, अच्छेलाल समेत अन्य लोगों ने ग्राम सभा भाटपार में सरकारी भूमि पर कब्जे की शिकायत की। शिकायतकर्ताओं ने पूर्व प्रधान छोटेलाल पर सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। मामले को संबंधित विभाग को जांच और निस्तारण के लिए भेजा गया।
रास्ते और जलभराव की समस्या
नगर पंचायत गोला के वार्ड नंबर 14 की रहने वाली उषा सहित कई लोगों ने अपनी आबादी की जमीन तक रास्ता उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। लोगों का कहना था कि आवागमन में परेशानी होने के कारण रास्ते की समस्या का समाधान जरूरी है।
वहीं नगर पंचायत गोला के वार्ड नंबर 1, 15 और 9 के नागरिकों ने खेतों में जलभराव की समस्या उठाई। ग्रामीणों ने जलनिकासी के लिए नालियों और नालों की सफाई कराने की मांग की, ताकि बारिश के पानी से खेतों और आसपास के क्षेत्रों में होने वाली परेशानी कम हो सके।
भूमि विवाद और पैमाइश से जुड़ी शिकायतें
बड़हलगंज थाना क्षेत्र की पानमती देवी ने अपनी हिस्से की भूमि पर बहन द्वारा कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। ग्राम देवकली निवासी रीता देवी ने भूमि की पैमाइश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्राम चंदौली निवासी साधना ने आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया। वहीं बेलघाट थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी अधिवक्ता रामानंद ने जंगली पेड़ों को कटवाने के संबंध में आवेदन दिया।
वन विभाग की अनुपस्थिति पर सवाल
जंगली पेड़ कटवाने से संबंधित शिकायत के मामले में एसडीएम की ओर से बार-बार बुलाए जाने के बावजूद वन विभाग का कोई कर्मचारी समाधान दिवस में उपस्थित नहीं हुआ। इससे संबंधित शिकायत के निस्तारण की प्रक्रिया प्रभावित हुई। वहीं अधिकारियों ने अन्य विभागों को भी शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में गोला, बड़हलगंज, उरुवा और बेलघाट थानों के पुलिस अधिकारी,
खंड शिक्षा अधिकारी उदय शंकर राय, नगर पंचायत गोला के लल्लन प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
हालांकि, शिकायतकर्ताओं के अनुसार कई विभागों के प्रतिनिधि निर्धारित समय समाप्त होने से पहले ही कार्यक्रम स्थल से चले गए।
Facts/Details
कुल प्राप्त शिकायतें: 53
मौके पर निस्तारित मामले: 4
शेष शिकायतें: संबंधित विभागों को भेजी गईं
प्रमुख समस्याएं: सरकारी भूमि, रास्ता, जलभराव, भूमि विवाद, आवास और पेड़ कटवाने से जुड़ी शिकायतें
अध्यक्षता: एसडीएम गोला मनीष कुमार
मौजूद अधिकारी: तहसीलदार, नायब तहसीलदार, क्षेत्राधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि
Statement
समाधान दिवस में अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों तक भेजते हुए उनके नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए।
भूमि, जलभराव और रास्ते से जुड़ी शिकायतों में जांच के बाद कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
FAQ
1. गोला तहसील समाधान दिवस में कितनी शिकायतें आईं?
कुल 53 शिकायतें प्राप्त हुईं।
2. कितने मामलों का मौके पर निस्तारण हुआ?
चार मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया।
3. प्रमुख शिकायतें किन समस्याओं से जुड़ी थीं?
सरकारी भूमि पर कब्जा, जलभराव, रास्ते, भूमि विवाद, आवास और पेड़ कटवाने से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं।
4. समाधान दिवस की अध्यक्षता किसने की?
एसडीएम गोला मनीष कुमार ने अध्यक्षता की।
5. क्या सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे?
कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन वन विभाग का कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं हुआ और कुछ विभागों के प्रतिनिधि निर्धारित समय से पहले चले गए।
Conclusion
गोला तहसील में आयोजित समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादियों ने स्थानीय समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
53 शिकायतों में चार का निस्तारण हुआ, जबकि बाकी मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।