सोनभद्र में स्क्रैप लदे ट्रक को गायब कर कटवाने के मामले में पुलिस और एसओजी की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पांच लाख रुपये नकद, करीब 15 लाख रुपये का सामान, चार मोबाइल फोन और बिना नंबर की बाइक बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
स्क्रैप लदा ट्रक गायब होने से शुरू हुई जांच
स्क्रैप लदे ट्रक को गायब कर उसे कटवाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह ट्रक 9 सितंबर को सिंगरौली से गायब हुआ था। घटना के बाद मामले की जांच शुरू हुई और पुलिस को स्क्रैप को दूसरे स्थान पर ले जाकर बेचने तथा ट्रक को कटवाने से जुड़े सुराग मिले।
जांच के दौरान मिर्जापुर में स्क्रैप की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्क्रैप का कारोबार कर रहे थे। ट्रक को गायब करने के बाद उसके हिस्सों को अलग कर बेचने की गतिविधि की भी जांच की गई।
पुलिस और SOG ने तीन आरोपियों को पकड़ा
मामले में पुलिस और एसओजी की टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरज यादव, भरत लाल और आकाश गुप्ता के रूप में बताई गई है।
पुलिस की जांच में आरोपियों के पास से पांच लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी है। इसके अलावा करीब 15 लाख रुपये का सामान, चार मोबाइल फोन और बिना नंबर की एक बाइक भी बरामद की गई। बरामद सामान को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
रॉबर्ट्सगंज थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा
ट्रक गायब होने के मामले में रॉबर्ट्सगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस टीम ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए संदिग्ध गतिविधियों की जांच की। जांच के दौरान स्क्रैप कारोबार से जुड़े स्थानों और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटाई गई।
पुलिस के अनुसार, मामले में ट्रक को गायब करने, उसे कटवाने और स्क्रैप के रूप में बेचने की गतिविधियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। बरामद नकदी और सामान के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
मिर्जापुर की PAC 39वीं वाहिनी के पास गिरफ्तारी
बताई गई जानकारी के मुताबिक, तीनों आरोपियों को मिर्जापुर स्थित PAC 39वीं वाहिनी के पास से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
मामले से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कथित फर्जी दस्तावेज कहां तैयार किए गए थे ।
स्क्रैप की खरीद-बिक्री में उनका इस्तेमाल किस तरह किया गया।
पुलिस बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान के आधार पर भी आगे की जानकारी जुटा रही है।
Facts/Details
स्क्रैप लदा ट्रक 9 सितंबर को सिंगरौली से गायब होने की जानकारी है।
मामले में रॉबर्ट्सगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस और एसओजी ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम धीरज यादव, भरत लाल और आकाश गुप्ता बताए गए हैं।
पांच लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
करीब 15 लाख रुपये का सामान बरामद होने की जानकारी है।
चार मोबाइल फोन और बिना नंबर की बाइक भी मिली।
आरोपियों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्क्रैप कारोबार करने का आरोप है।
Statement
पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
बरामद नकदी, सामान, मोबाइल फोन और बाइक के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रक को गायब करने और स्क्रैप को बेचने की गतिविधि में और कौन लोग शामिल थे।
FAQ
सवाल 1: मामला किससे जुड़ा है?
यह मामला स्क्रैप लदे ट्रक को गायब कर उसे कटवाने और स्क्रैप बेचने से जुड़ा बताया गया है।
सवाल 2: कितने आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है?
पुलिस और एसओजी की कार्रवाई में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी है।
सवाल 3: गिरफ्तार आरोपियों के नाम क्या हैं?
धीरज यादव, भरत लाल और आकाश गुप्ता के नाम बताए गए हैं।
सवाल 4: क्या-क्या बरामद हुआ?
पांच लाख रुपये नकद, करीब 15 लाख रुपये का सामान, चार मोबाइल फोन और बिना नंबर की बाइक बरामद होने की जानकारी है।
सवाल 5: ट्रक कब गायब हुआ था?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रक 9 सितंबर को सिंगरौली से गायब हुआ था।
Conclusion
सोनभद्र में स्क्रैप लदे ट्रक को गायब कर कटवाने के मामले में तीन गिरफ्तारियां हुई हैं।
पुलिस अब बरामद सामान और दस्तावेजों की जांच के साथ इस पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।