एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है। महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में मोना अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि अवनि लेखरा ने रजत पदक अपने नाम किया। दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा। स्वर्ण और रजत पदक के बीच केवल 0.4 अंक का अंतर रहा।
मोना अग्रवाल ने रिकॉर्ड स्कोर के साथ जीता स्वर्ण
फाइनल मुकाबले में मोना अग्रवाल ने 250.0 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया।
उनका यह प्रदर्शन एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बना। उन्होंने दबाव के बीच शानदार एकाग्रता और
सटीक निशानेबाजी का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मोना की इस सफलता ने भारतीय पैरा निशानेबाजी को एक नई पहचान दी है। प्रतियोगिता में
उनका प्रदर्शन शुरू से ही प्रभावशाली रहा और उन्होंने फाइनल में अपनी लय बनाए रखी।
अवनि लेखरा ने हासिल किया रजत पदक
भारत की स्टार निशानेबाज अवनि लेखरा ने फाइनल में 249.6 अंक हासिल किए और रजत पदक जीता। वह स्वर्ण पदक से केवल 0.4 अंक पीछे रहीं। अवनि ने भी पूरे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया और भारत को इस स्पर्धा में दोहरी सफलता दिलाई।
दक्षिण कोरिया की ली युनरी ने 227.9 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इस तरह स्पर्धा के पहले और दूसरे स्थान पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा रहा।
क्वालिफिकेशन राउंड में भी मोना का शानदार प्रदर्शन
फाइनल से पहले मोना अग्रवाल ने क्वालिफिकेशन राउंड में 629.1 अंक हासिल किए और रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ फाइनल में जगह बनाई। अवनि लेखरा ने भी बेहतरीन निशानेबाजी करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया।
क्वालिफिकेशन से लेकर फाइनल तक भारतीय खिलाड़ियों की निरंतरता ने दिखाया कि वे बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में दबाव को संभालने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने में सक्षम हैं।
मोना अग्रवाल की उपलब्धियों में जुड़ा एक और पदक
मोना अग्रवाल इससे पहले पेरिस पैरालंपिक 2024 में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी खेल यात्रा की एक और बड़ी उपलब्धि है।
उनकी सफलता मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का उदाहरण है।
अवनि लेखरा ने फिर बढ़ाया भारत का मान
अवनि लेखरा भारत की प्रमुख पैरा निशानेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने पैरालंपिक खेलों में
स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। एशियन पैरा गेम्स में
रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।
भारत के लिए गर्व का पल
एक ही स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतना भारतीय खेल दल के लिए उत्साहजनक उपलब्धि है।
मोना अग्रवाल और अवनि लेखरा की सफलता से देश के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।
दोनों खिलाड़ियों ने साबित किया कि दृढ़ संकल्प,
मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि एशियन पैरा गेम्स 2026 की अन्य स्पर्धाओं में भी
देश के खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करेंगे और पदक तालिका में भारत की स्थिति को और मजबूत बनाएंगे
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