राज्यसभा चुनाव 2026: यूपी की 10 सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान, बसपा के सामने संसद में प्रतिनिधित्व बचाने की चुनौती

राज्यसभा की 12 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो गया है। इनमें उत्तर प्रदेश की 10, उत्तराखंड की एक और पश्चिम बंगाल की एक सीट शामिल है। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा। इसी चुनाव के बाद बहुजन समाज पार्टी के सामने राज्यसभा में अपना प्रतिनिधित्व बनाए रखने की चुनौती होगी, क्योंकि पार्टी के एकमात्र राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है।

यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर होगा चुनाव

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटें खाली होने जा रही हैं। इनमें वर्तमान में भाजपा के आठ, समाजवादी पार्टी का एक और बसपा का एक सदस्य है। इसके अलावा भाजपा के डॉ. दिनेश शर्मा की सीट उनके इस्तीफे के बाद पहले ही रिक्त हो चुकी थी, जिसके कारण चुनावी प्रक्रिया में बदलाव आया है।

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित है। मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और इसी दिन शाम 5 बजे मतगणना शुरू होगी।

बसपा के सामने राज्यसभा में प्रतिनिधित्व बनाए रखने की चुनौती

राज्यसभा चुनाव में सबसे अधिक चर्चा बसपा के मौजूदा प्रतिनिधित्व को लेकर है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा का कोई विधायक नहीं है। पार्टी के राज्यसभा में फिलहाल एकमात्र प्रतिनिधि रामजी गौतम हैं, जिनका कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर बसपा के लिए अपने दम पर राज्यसभा सीट हासिल करना संभव नहीं है।

यदि बसपा को राज्यसभा में अपना प्रतिनिधित्व बनाए रखना है तो उसे किसी अन्य दल के समर्थन की आवश्यकता होगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आगे राजनीतिक दलों के बीच इस संबंध में कोई सहमति बनती है या नहीं।

37 साल बाद संसद से पूरी तरह बाहर होने की स्थिति

रामजी गौतम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यदि बसपा का कोई उम्मीदवार राज्यसभा नहीं पहुंचता है, तो पार्टी के सामने 1989 के बाद पहली बार संसद के दोनों सदनों में कोई प्रतिनिधि नहीं रहने की स्थिति बन सकती है। यह स्थिति मौजूदा चुनावी गणित पर आधारित है और अंतिम स्थिति चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

बसपा का उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व रहा है। मौजूदा विधानसभा में पार्टी का कोई विधायक नहीं है और राज्यसभा में रामजी गौतम का कार्यकाल समाप्त होने वाला है।

राज्यसभा चुनाव में किस तरह होता है मतदान?

राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव आम मतदाताओं द्वारा सीधे नहीं किया जाता। उत्तर प्रदेश में निर्वाचित विधायक राज्यसभा चुनाव में मतदान करते हैं। चुनाव एकल संक्रमणीय मत प्रणाली के तहत होता है।

मौजूदा विधानसभा संरचना के आधार पर उत्तर प्रदेश में एक राज्यसभा सीट के लिए करीब 37 प्रथम वरीयता मतों का कोटा बनता है। हालांकि अंतिम चुनावी स्थिति उम्मीदवारों की संख्या, नामांकन और मतदान के दौरान राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

भाजपा और सपा के सामने भी महत्वपूर्ण चुनाव

उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के चुनाव में भाजपा, समाजवादी पार्टी और अन्य दलों के लिए भी यह चुनाव महत्वपूर्ण है। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन के पास आठ सीटों के लिए पर्याप्त संख्या बताई जा रही है, जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास दो सीटों के लिए आवश्यक संख्या है। हालांकि क्रॉस वोटिंग, अनुपस्थित रहने वाले विधायक और उम्मीदवारों की अंतिम संख्या जैसे कारक चुनाव के गणित को प्रभावित कर सकते हैं।

इसलिए अभी किसी दल या उम्मीदवार के अंतिम परिणाम को लेकर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा और नामांकन प्रक्रिया के बाद तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।

इन नेताओं का कार्यकाल हो रहा समाप्त

उत्तर प्रदेश से जिन प्रमुख राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें भाजपा के हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बीएल वर्मा और सीमा द्विवेदी शामिल हैं। भाजपा के डॉ. दिनेश शर्मा पहले ही राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं।

समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है।

16 अक्टूबर को मतदान, उसी दिन मतगणना

राज्यसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी। प्रमुख तारीखें इस प्रकार हैं:

  • अधिसूचना जारी: 29 सितंबर 2026
  • नामांकन की अंतिम तारीख: 6 अक्टूबर 2026
  • नामांकन पत्रों की जांच: 7 अक्टूबर 2026
  • नाम वापसी की अंतिम तारीख: 9 अक्टूबर 2026
  • मतदान: 16 अक्टूबर 2026
  • मतदान का समय: सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक
  • मतगणना: 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे से
  • चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की तारीख: 19 अक्टूबर 2026

आगे क्या होगा?

अब राजनीतिक दलों के सामने उम्मीदवारों के चयन और नामांकन की प्रक्रिया होगी। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या तय होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि चुनाव निर्विरोध होता है या मतदान की आवश्यकता पड़ती है।

बसपा के लिए भी यह चरण महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि राज्यसभा में उसके मौजूदा

एकमात्र प्रतिनिधि का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। किसी अन्य दल का समर्थन मिलता है या नहीं,

यह आने वाले दिनों की राजनीतिक गतिविधियों से स्पष्ट होगा।

FAQ

प्रश्न: यूपी में राज्यसभा चुनाव 2026 कब होगा?
उत्तर: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा।

प्रश्न: यूपी में कितनी राज्यसभा सीटों पर चुनाव है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है।

प्रश्न: बसपा के सामने क्या चुनौती है?
उत्तर: बसपा के राज्यसभा में एकमात्र सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल

नवंबर में समाप्त हो रहा है। पार्टी के पास उत्तर प्रदेश विधानसभा में कोई विधायक नहीं है,

इसलिए अपने दम पर राज्यसभा सीट हासिल करना संभव नहीं है।

प्रश्न: क्या बसपा 1989 के बाद पहली बार संसद से बाहर हो सकती है?
उत्तर: यदि रामजी गौतम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद बसपा का

कोई अन्य सांसद लोकसभा या राज्यसभा में नहीं रहता, तो पार्टी

1989 के बाद पहली बार संसद में बिना प्रतिनिधित्व के रह सकती है।

प्रश्न: राज्यसभा चुनाव में वोट कौन डालता है?
उत्तर: राज्यसभा चुनाव में संबंधित राज्य के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं।

प्रश्न: यूपी में एक राज्यसभा सीट के लिए कितने वोट चाहिए?
उत्तर: मौजूदा विधानसभा गणित के आधार पर एक सीट के लिए करीब 37 प्रथम वरीयता मतों का कोटा बनता है।

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