यूपी में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी और मध्य प्रदेश के इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी उफान पर आने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। रामघाट समेत कई निचले इलाकों में पानी भर गया है और बड़ी संख्या में दुकानें तथा घर प्रभावित हुए हैं। वहीं प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
चित्रकूट में मंदाकिनी ने मचाई तबाही
लगातार बारिश के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के कारण नदी का पानी शहर के निचले हिस्सों में पहुंच गया। हालात इतने बिगड़ गए कि रामघाट और आसपास का क्षेत्र जलमग्न हो गया।
रिपोर्ट के मुताबिक रामघाट के आसपास करीब 800 दुकानें पानी में डूब गईं। कई दुकानदारों को अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का मौका तक नहीं मिल पाया। बाढ़ का पानी बढ़ने के कारण कई लोग घरों और इमारतों में फंस गए, जिन्हें प्रशासन और राहत दलों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया गया।
झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर रोका गया आवागमन
मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से कई रास्तों पर आवाजाही रोक दी। झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर कर्वी को जोड़ने वाले पुल के आसपास पानी पहुंचने के बाद वहां यातायात बंद कर दिया गया।
इसका असर आसपास के कई जिलों से आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार कानपुर, प्रयागराज, बांदा और हमीरपुर की तरफ जाने वाले तथा चित्रकूट मुख्यालय आने वाले करीब 10 से 15 हजार लोग रास्ते में फंस गए।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए चित्रकूट-बांदा मार्ग को भी बंद करना पड़ा। सतना की ओर जाने वाले रास्ते पर भी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।
रेलवे ट्रैक प्रभावित, ट्रेन संचालन पर असर
बारिश और बाढ़ का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। चित्रकूट क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के प्रभावित होने की सूचना सामने आई है। इससे ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा।
प्राकृतिक आपदा के बीच सड़क और रेल दोनों मार्गों पर यातायात प्रभावित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
होटल और घरों में फंसे लोग, रेस्क्यू अभियान जारी
बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने के कारण चित्रकूट पहुंचे कई श्रद्धालु भी मुश्किल में फंस गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ श्रद्धालु होटलों में फंसे रहे और मदद के लिए खिड़कियों तथा छतों से प्रशासन से गुहार लगाते दिखाई दिए।
प्रशासन और राहत दलों ने कई स्थानों पर रेस्क्यू अभियान चलाया। गोबरिया क्षेत्र में फंसे करीब 50 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। राहत और बचाव कार्य में जवानों की टीमों ने लोगों को सुरक्षित निकालने का काम किया।
प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा
चित्रकूट के साथ प्रयागराज में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
संगम क्षेत्र के आसपास पानी बढ़ने से धार्मिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों पर भी असर दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार पानी हनुमान जी मंदिर के मुख्य द्वार और कॉरिडोर की दीवारों तक पहुंच गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखते हुए राहत और बचाव की तैयारियों में जुटा है।
मुख्यमंत्री योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
हवाई सर्वेक्षण किया। प्रशासनिक स्तर पर प्रभावित इलाकों की
निगरानी और राहत कार्यों को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों से निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा
प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
कई रास्ते बंद, लोगों की बढ़ी परेशानी
चित्रकूट में बाढ़ के कारण कई महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार मानिकपुर-सतना मार्ग पर कारी बराह पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
इससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों के सामने आवागमन की समस्या और बढ़ गई है।
बारिश और बाढ़ के कारण सड़क संपर्क टूटने से स्थानीय लोगों के
साथ-साथ बाहर से आए श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की अपील, सुरक्षित स्थानों पर जाएं लोग
बाढ़ जैसे हालात में प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और
संवेदनशील इलाकों में फंसे लोगों का रेस्क्यू करना है। जलस्तर में लगातार बदलाव को देखते हुए
नदी और नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं। प्रशासन का प्रयास है कि
जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान ने बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है, जहां रामघाट के
आसपास सैकड़ों दुकानें पानी में डूब गईं और कई मार्गों पर यातायात रोकना पड़ा।
वहीं प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है।
फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है।
लोगों से अपील है कि वे नदी, पुल और जलभराव वाले
संवेदनशील क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की मदद लें।
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FAQ
1. यूपी में बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित कौन सा इलाका है?
ताजा रिपोर्ट में चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान और बाढ़ जैसे हालात का उल्लेख है।
2. चित्रकूट में कितनी दुकानें पानी में डूबीं?
रिपोर्ट के अनुसार रामघाट के आसपास करीब 800 दुकानें बाढ़ के पानी में डूब गईं।
3. क्या चित्रकूट में सड़क यातायात प्रभावित हुआ है?
हां। बाढ़ के कारण कई मार्गों पर यातायात बंद किया गया है,
जिसमें चित्रकूट-बांदा मार्ग और कुछ अन्य प्रमुख रास्ते शामिल हैं।
4. क्या रेलवे सेवा भी प्रभावित हुई है?
हां, चित्रकूट क्षेत्र में रेलवे ट्रैक प्रभावित होने से ट्रेन संचालन पर असर पड़ने की जानकारी सामने आई है।
5. प्रयागराज में बाढ़ का खतरा क्यों बढ़ा है?
प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है।
6. क्या बाढ़ में फंसे लोगों का रेस्क्यू किया गया?
हां। रिपोर्ट के अनुसार गोबरिया क्षेत्र में फंसे करीब 50 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
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