ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए, जो कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ तक फैल गए। इन प्रदर्शनों में प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की तस्वीरें, ईरान समर्थक बैनर, काले झंडे लहराए और पारंपरिक शोक गीत गाए, जिससे कई शहरों में तनाव बढ़ गया।
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में हजारों लोग सड़कों पर उतरे, जहां इजरायल-अमेरिका के कथित हमलों के खिलाफ नारे लगाए गए। लखनऊ में शिया मस्जिदों में विशेष प्रार्थनाएं हुईं और अलिपुरा गांव जैसे इलाकों में काले कपड़ों में मार्च निकाले गए, क्योंकि कई परिवारों के सदस्य ईरान में पढ़ाई या काम के लिए रहते हैं।
पटना, दिल्ली, राजस्थान, बिहार, झारखंड और तेलंगाना में भी शोक सभाएं और कैंडल मार्च आयोजित हुए,
जहां शिया मुस्लिम महासभा ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शांति की अपील की और विदेश मंत्रालय से ईरान में फंसे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। इन घटनाओं ने भारत की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए, खासकर जब खामेनेई की मौत को इजरायल के 1200 बमों वाले हमले से जोड़ा जा रहा है।
इसी बीच, अमेरिकी सेना में तैनात भारतीय मूल की स्पेशलिस्ट शिल्पा चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने भारत में इन प्रदर्शनों पर कड़े सवाल उठाए। शिल्पा ने कहा कि खामेनेई जैसे विदेशी नेता की मौत पर भारत में प्रदर्शन करना देश की इज्जत को ठेस पहुंचाता है और केवल अराजकता फैलाता है।
उन्होंने भारतीयों से एकता और शांतिपूर्ण व्यवहार की अपील की, बिना किसी धार्मिक भेदभाव के, और कहा कि ऐसे प्रदर्शन से देश का मजाक बनता है। यह वीडियो इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर लाखों व्यूज बटोर चुका है, जहां लोग शिल्पा की बात से सहमत दिख रहे हैं।
खामेनेई की मौत ने वैश्विक राजनीति को हिला दिया, लेकिन भारत में ये प्रदर्शन शिया समुदाय की भावनाओं को दर्शाते हैं, हालांकि शिल्पा चौधरी जैसे लोग देशहित में संयम बरतने की सलाह दे रहे हैं। सरकार ने स्थिति पर नजर रखी है, लेकिन ये घटनाएं भारत-ईरान संबंधों और आंतरिक एकता पर बहस छेड़ रही हैं। कुल मिलाकर, यह वायरल वीडियो प्रदर्शनों की वैधता पर नई चर्चा का केंद्र बन गया है।
