गोरखपुर में प्रधानों ने एकजुट होकर उठाई आवाज
गोरखपुर जिले के सहजनवा ब्लॉक कार्यालय परिसर में शुक्रवार को प्रधान संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य पंचायतों से जुड़ी समस्याओं, गांवों में चल रहे विकास कार्यों और ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना था। प्रधान संघ के नेताओं ने कहा कि गांवों के विकास के लिए पंचायतों को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
विकास कार्य अधूरे, इसलिए बढ़ाया जाए प्रधानों का कार्यकाल
बैठक में मौजूद प्रधानों ने कहा कि वर्तमान समय में ग्राम पंचायतों के माध्यम से गांवों में तेजी से विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सड़क निर्माण, नाली, पेयजल व्यवस्था, पंचायत भवन, स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता अभियान जैसे कई कार्य लगातार चल रहे हैं। लेकिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं और बजट स्वीकृति में देरी के कारण कई योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पा रही हैं।
प्रधानों का कहना था कि मौजूदा कार्यकाल कम पड़ रहा है, जिससे कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधूरी रह जाती हैं। ऐसे में सरकार को पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने पर विचार करना चाहिए, ताकि गांवों में चल रहे विकास कार्यों को पूरा किया जा सके और जनता को योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल सके।
कोरोना काल और प्रशासनिक देरी का भी पड़ा असर
बैठक में प्रधानों ने कोरोना महामारी के दौरान हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि कोरोना काल में पंचायत स्तर के कई काम प्रभावित हुए थे। कई महीनों तक विकास कार्यों की रफ्तार धीमी रही, जबकि प्रशासनिक मंजूरी और बजट जारी होने में भी देरी हुई। इसका असर गांवों के विकास पर पड़ा।
प्रधान संघ के नेताओं ने कहा कि यदि पंचायत प्रतिनिधियों को अतिरिक्त समय दिया जाता है तो अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में आसानी होगी। उन्होंने सरकार से पंचायत व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की।
गांवों की समस्याओं पर हुई विस्तार से चर्चा
बैठक के दौरान गांवों में सफाई व्यवस्था, जल निकासी, आवास योजना, मनरेगा कार्य और पेयजल जैसी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कई प्रधानों ने कहा कि गांवों में संसाधनों की कमी के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय और योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन की मांग की।
प्रधानों ने कहा कि ग्राम प्रधान गांव और सरकार के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। यदि पंचायत प्रतिनिधियों को पर्याप्त अधिकार और संसाधन मिलेंगे तो ग्रामीण विकास और तेजी से आगे बढ़ेगा।
पंचायत प्रतिनिधियों ने दिखाई एकजुटता
बैठक में मौजूद सभी प्रधानों ने पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान गांव की जनता के बीच रहकर लगातार कार्य करते हैं और
सरकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने का काम करते हैं।
प्रधान संघ के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि
यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में बड़े स्तर पर
आंदोलन भी किया जा सकता है। हालांकि बैठक शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और
सभी प्रतिनिधियों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पर जोर दिया।
पंचायत स्तर पर विकास कार्य तेज करने का संकल्प
बैठक के अंत में प्रधान संघ ने पंचायत स्तर पर विकास
कार्यों को तेज करने और ग्रामीण जनता की समस्याओं को
प्राथमिकता के आधार पर हल करने का संकल्प लिया। प्रधानों ने कहा कि वे गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य,
सड़क, स्वच्छता और रोजगार जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देंगे।
प्रधान संघ के नेताओं ने सरकार से पंचायतों को
अधिक वित्तीय अधिकार देने की मांग की। उनका कहना था कि
यदि पंचायतों को मजबूत बनाया जाएगा तो गांव आत्मनिर्भर बन सकेंगे और
सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचेगा।
सहजनवा ब्लॉक कार्यालय पर आयोजित प्रधान संघ की बैठक ने
एक बार फिर पंचायत राजनीति और ग्रामीण विकास के
मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। ग्राम प्रधानों द्वारा कार्यकाल बढ़ाने की मांग अब तेजी से उठने लगी है।
आने वाले दिनों में सरकार इस विषय पर क्या निर्णय लेती है, इस पर
सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल प्रधान संघ ने पंचायतों के अधिकारों और
गांवों के विकास के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है।