पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में हवाई हमले किए जाने के बाद तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा और इन हमलों का उचित जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि हवाई हमलों में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया और 28 संदिग्ध आतंकवादी मारे गए। दूसरी तरफ अफगान अधिकारियों ने कहा है कि कुनार में तीन नागरिकों की मौत हुई और चार लोग घायल हुए। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि तत्काल नहीं हो सकी है।
कुनार और पक्तिका में एयरस्ट्राइक का दावा
रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में कार्रवाई की। अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया कि हमले नागरिक इलाकों में किए गए।
उनके अनुसार कुनार में एक महिला और दो पुरुषों की मौत हुई, जबकि चार अन्य लोग घायल हुए। पक्तिका में एक मकान और स्थानीय दुकान को नुकसान पहुंचने की बात भी कही गई है।
मुजाहिद ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को अफगान संप्रभुता का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान इस तरह के हमलों को स्वीकार नहीं करेगा।
उन्होंने अपने बयान में संकेत दिया कि पाकिस्तान की कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। हालांकि, अफगानिस्तान की ओर से जवाबी कार्रवाई कब और किस रूप में होगी, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
पाकिस्तान का दावा- आतंकियों के ठिकाने निशाने पर
पाकिस्तान की तरफ से इन हमलों को सुरक्षा कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अफगानिस्तान में मौजूद संदिग्ध आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इसका संबंध पाकिस्तान में हाल के आतंकी हमलों से जोड़ा जा रहा है। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि वहां से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP से जुड़े लोग पाकिस्तान में हमलों को अंजाम देते हैं। अफगान तालिबान इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
दोनों देशों के बीच पुराना विवाद फिर सामने
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा सुरक्षा और TTP को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ है।
इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP से जुड़े लड़ाकों को अफगान क्षेत्र में सुरक्षित ठिकाने मिलते हैं और वहां से पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की योजना बनाई जाती है। काबुल इन आरोपों को स्वीकार नहीं करता और कहता है कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक सुरक्षा समस्याओं के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए।
हाल के हमलों के बाद बढ़ा तनाव
पाकिस्तान में हाल के दिनों में पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर कई हमले हुए हैं। पाकिस्तान ने इन घटनाओं के पीछे अफगानिस्तान में मौजूद आतंकवादी नेटवर्क की भूमिका होने का आरोप लगाया है।
इसी पृष्ठभूमि में इस्लामाबाद ने पहले ही संकेत दिया था कि अगर अफगानिस्तान से पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियां जारी रहती हैं तो वह सीमा पार कार्रवाई कर सकता है।
पाकिस्तान ने अभी क्या कहा?
ताजा एयरस्ट्राइक के संबंध में पाकिस्तान की सेना की ओर से तत्काल विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया था। हालांकि पाकिस्तान का रुख पहले से यह रहा है कि वह अपने नागरिकों और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आतंकवादी खतरों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार रखता है।
पाकिस्तान ने अफगान तालिबान से आतंकवादी नेटवर्क और उनके कथित ठिकानों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग भी की है।
अफगानिस्तान ने क्या आरोप लगाया?
अफगान पक्ष ने पाकिस्तान पर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
मुजाहिद के अनुसार कुनार में मारे गए लोग स्थानीय नागरिक थे।
अफगान सरकार ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए विरोध दर्ज कराया है।
हालांकि, इन दावों और पाकिस्तान द्वारा बताए गए सैन्य लक्ष्यों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।
क्या दोनों देशों के बीच संघर्ष बढ़ सकता है?
ताजा घटनाक्रम से सीमा पर तनाव बढ़ने की आशंका जरूर पैदा हुई है।
हालांकि दोनों देशों के बीच बड़े सैन्य संघर्ष में स्थिति बदलने से पहले
कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशों की भी संभावना बनी रहती है।
क्षेत्रीय देश भी दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं। मौजूदा तनाव के बीच सीमा पर
किसी नई सैन्य कार्रवाई की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर है।
TTP बना सबसे बड़ा विवाद
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों में TTP सबसे महत्वपूर्ण विवादों में से एक है।
पाकिस्तान का कहना है कि TTP के लड़ाके अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल करते हैं।
अफगान तालिबान इस आरोप से इनकार करता है।
जब तक दोनों पक्ष इस मुद्दे पर कोई प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था या समझौता नहीं बनाते
सीमा पर तनाव बने रहने की संभावना बनी रह सकती है।
बातचीत का रास्ता भी खुला
दिलचस्प बात यह है कि सैन्य तनाव के बावजूद अफगान तालिबान की ओर से पहले
बातचीत और खुफिया सहयोग बढ़ाने की बात भी कही गई है। मुजाहिद ने हाल में
पाकिस्तान के साथ संवाद की जरूरत पर जोर दिया था। पाकिस्तान ने
जवाब में कहा था कि बातचीत के साथ आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई भी जरूरी है।
आगे क्या होगा?
अब नजर इस बात पर है कि अफगानिस्तान पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के जवाब में
कोई सैन्य कार्रवाई करता है या मामला कूटनीतिक स्तर पर सुलझाने की कोशिश होती है।
फिलहाल दोनों देशों के बयानों में बड़ा अंतर है। पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई को
आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कदम बता रहा है, जबकि अफगानिस्तान इसे अपनी संप्रभुता और
नागरिकों के खिलाफ हमला बता रहा है। इसलिए आने वाले घंटों और
दिनों में आधिकारिक बयानों तथा सीमा की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
निष्कर्ष
पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों के बाद दोनों
पड़ोसी देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। जबीहुल्लाह मुजाहिद ने
उचित जवाब देने की बात कही है, जबकि पाकिस्तान आतंकवादी ठिकानों को
निशाना बनाने का दावा कर रहा है। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सीमा सुरक्षा, TTP और दोनों देशों के बीच बढ़ता
अविश्वास है। आने वाले दिनों में यह तय करेगा कि तनाव
बातचीत के रास्ते कम होता है या सीमा पर सैन्य गतिविधियां और बढ़ती हैं।
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