माननीय स्पीकर महोदय, सदन के सम्मानित सदस्यगण, आज मैं इस बजट पर चर्चा में खड़ा हूं जो विकसित भारत का दावा करता है, लेकिन हकीकत कुछ और बयान करता है। सरकार 2047 तक विकसित भारत बनाने की बात करती है, परंतु जब तक देश की 80 करोड़ आबादी मुफ्त राशन पर निर्भर है, तब तक यह खोखला नारा मात्र है। � विकसित भारत तभी बनेगा जब मुसलमान शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से ताकतवर होंगे। यह सरकार मुसलमानों से नफरत क्यों करती है? अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं का बजट पूरा खर्च क्यों नहीं होता
प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर गरीबों को रिश्वत देनी पड़ती है।
बीजेपी ने 750 पार्टी ऑफिस खोले, लेकिन एक गरीब को बिना घूस के घर नहीं मिलता। ग्रेजुएट बेरोजगार घूम रहे हैं, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, MSME बंद हो रहे हैं। चीन से आयात पर निर्भरता क्यों? हमारा निजाम बिना विदेशी सामान के नहीं चलता। यह सब सरकार की जिम्मेदारी है। जब लड़कियां शिक्षा से वंचित हैं, बड़ी आबादी गरीबी में डूबी है, 15% मुस्लिम उपेक्षित हैं, तब विकसित भारत कैसे बनेगा
सरकार का पूर्वाग्रह स्पष्ट है। मुसलमानों को नजरअंदाज कर विकास की बात बेमानी है। संसद में बजट चर्चा हुई, लेकिन अल्पसंख्यकों का कोई प्रावधान नहीं। 25 सालों में 15 साल NDA राज में ये समस्याएं क्यों बढ़ीं? पाकिस्तान हमसे कोसों पीछे है, फिर भी हम विदेश नीति में कमजोर क्यों? कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, तो कश्मीरियों पर शक क्यों? टीवी एंकर्स बेशर्मी से बोलते हैं, लेकिन संविधान सबको बराबर मानता है
US ट्रेड डील पर सवाल उठाया—रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका टैरिफ लगाएगा?
कौन है वो गोरी चमड़ी वाला जो हमें निर्देश दे? भारत स्वतंत्र है, अपनी नीति खुद बनाएगा। वंदे मातरम पर चर्चा में कहा कि देशभक्ति किसी धर्म से नहीं जोड़ी जा सकती। संविधान सबको अधिकार देता है। अगर संसद खोदूं और कुछ मिले, तो क्या वो मेरा हो जाएगा? वक्फ संशोधन पर विरोध जायज है।
उर्दू भाषा को खत्म करने की साजिश क्यों?
पीएम को पढ़ाना पड़ेगा कि संविधान बहुलवाद सिखाता है। बजट 2025-26 में कोई क्रांति नहीं, सिर्फ दिखावा। बेरोजगारी दर चरम पर, किसान परेशान, युवा निराश। विकसित भारत के लिए समावेशी विकास जरूरी। मुसलमानों को आगे लाओ, तभी 2047 का सपना साकार होगा। सरकार सुन ले—यह नफरत की राजनीति बंद करो