नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2026।
मोबाइल फोन पर अनजान नंबरों से आने वाली कॉल की पहचान करना अब पहले से आसान होने जा रहा है। केंद्र सरकार के नए निर्देश के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से देशभर में Calling Name Presentation (CNAP) सेवा शुरू की जाएगी। इसके तहत कॉल आने पर मोबाइल स्क्रीन पर नंबर के साथ कॉल करने वाले का रजिस्टर्ड नाम भी दिखाई देगा।
मुख्य समाचार
मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए 1 नवंबर 2026 से एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहा है। अब किसी अनजान मोबाइल नंबर से फोन आने पर लोगों को केवल नंबर देखकर यह अनुमान नहीं लगाना पड़ेगा कि कॉल किसकी है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने देश की सभी अधिकृत टेलीकॉम कंपनियों को Calling Name Presentation (CNAP) सेवा शुरू करने का निर्देश दिया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद आने वाली कॉल के दौरान मोबाइल स्क्रीन पर फोन नंबर के साथ कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम भी प्रदर्शित किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था को फर्जी कॉल, अनचाही कॉल और साइबर धोखाधड़ी की पहचान आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस सुविधा के लिए मोबाइल उपभोक्ताओं को अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने या किसी विशेष सेवा के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
क्या है Calling Name Presentation (CNAP) सेवा?
CNAP यानी Calling Name Presentation एक नेटवर्क आधारित कॉलर पहचान प्रणाली है। इसके माध्यम से फोन करने वाले व्यक्ति का नाम सीधे टेलीकॉम नेटवर्क के जरिए उस व्यक्ति की मोबाइल स्क्रीन तक पहुंचाया जाएगा, जिसे कॉल की जा रही है।
इसमें कॉल करने वाले ग्राहक का नाम उसके टेलीकॉम ऑपरेटर के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के आधार पर दिखाया जाएगा। यानी यह सुविधा Truecaller जैसे किसी थर्ड-पार्टी ऐप पर निर्भर नहीं होगी। टेलीकॉम कंपनियां अपने ग्राहकों के मोबाइल नंबर और उनसे संबंधित नाम का डेटाबेस तैयार रखेंगी।
Jio, Airtel, Vi और BSNL के ग्राहकों को मिलेगा लाभ
दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार, सभी अधिकृत टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को 1 नवंबर से अपने 4G और इससे नई तकनीक वाले वायरलेस नेटवर्क पर CNAP सेवा शुरू करनी होगी।
इसमें रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया (Vi) और सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL सहित सभी संबंधित ऑपरेटर शामिल हैं।
इस सुविधा को डिफॉल्ट रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसलिए सामान्य मोबाइल उपभोक्ताओं को इसे चालू कराने के लिए अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, इसका वास्तविक अनुभव नेटवर्क, डिवाइस और सेवा के तकनीकी क्रियान्वयन पर निर्भर कर सकता है।
मोबाइल स्क्रीन पर कैसे दिखाई देगा कॉल करने वाले का नाम?
नई व्यवस्था के तहत जब कोई व्यक्ति आपको कॉल करेगा, तो आपके मोबाइल फोन की स्क्रीन पर दो महत्वपूर्ण जानकारियां दिखाई देंगी। पहली जानकारी कॉल करने वाले का मोबाइल नंबर होगी और दूसरी जानकारी उसके टेलीकॉम रिकॉर्ड में दर्ज नाम होगा।
यदि कॉल करने वाले का नंबर आपके मोबाइल में पहले से सेव है, तो आपके फोन में सेव किया गया नाम प्राथमिकता से दिखाई देगा। वहीं, नंबर सेव नहीं होने की स्थिति में टेलीकॉम ऑपरेटर के रिकॉर्ड में दर्ज नाम प्रदर्शित किया जाएगा।
उदाहरण के लिए, यदि किसी अनजान नंबर से आपको फोन आता है और वह नंबर आपके कॉन्टैक्ट में सेव नहीं है, तो CNAP सुविधा के माध्यम से उस नंबर से संबंधित रजिस्टर्ड नाम स्क्रीन पर दिखाई दे सकता है।
किन मोबाइल यूजर्स को मिलेगी यह सुविधा?
शुरुआती चरण में CNAP सेवा 4G और उससे नई तकनीक वाले वायरलेस नेटवर्क पर लागू होगी। इसका मतलब है कि 4G और 5G नेटवर्क इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल सकता है।
फिलहाल 2G और 3G नेटवर्क तथा लैंडलाइन फोन पर इस सुविधा को लागू करने का फैसला अलग से विचार के बाद किया जाएगा।
इसलिए सभी मोबाइल और टेलीफोन उपभोक्ताओं को पहले दिन से यह सुविधा मिलने की गारंटी नहीं है।
क्या CNAP से साइबर फ्रॉड और फर्जी कॉल पर लगेगी रोक?
आज के समय में मोबाइल फोन के जरिए होने वाली धोखाधड़ी एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।
साइबर अपराधी बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, पुलिसकर्मी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं का नाम लेकर लोगों को फोन करते हैं।
कई बार लोग अनजान नंबर देखकर भी कॉल उठा लेते हैं और धोखेबाजों के जाल में फंस जाते हैं।
CNAP व्यवस्था से कॉल करने वाले का रजिस्टर्ड नाम सामने आने के कारण उपयोगकर्ताओं को कॉल की पहचान करने में अतिरिक्त मदद मिल सकती है।
इससे संदिग्ध कॉल को लेकर सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है।
हालांकि, केवल नाम दिखाई देने से किसी कॉल के सुरक्षित होने की गारंटी नहीं मिलती।
धोखेबाज किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी सिम या अन्य माध्यमों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या निजी दस्तावेज साझा नहीं करने चाहिए।
सिम किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर है तो क्या होगा?
इस नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण पहलू सिम कार्ड के रजिस्ट्रेशन से जुड़ा है।
यदि आपके मोबाइल में इस्तेमाल हो रहा सिम कार्ड आपके माता-पिता, पति-पत्नी या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है, तो CNAP में उसी ग्राहक रिकॉर्ड के अनुसार नाम दिखाई दे सकता है।
इसी तरह कंपनी या संस्थान के नाम पर जारी कनेक्शन में भी ग्राहक रिकॉर्ड की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
हालांकि, पात्र व्यावसायिक और बल्क कनेक्शन धारकों के लिए सत्यापन के बाद पंजीकृत ट्रेडमार्क या GST से संबंधित व्यापारिक नाम प्रदर्शित कराने का विकल्प भी निर्धारित किया गया है।
Headings
क्या है CNAP और कैसे करेगा काम?
Jio, Airtel, Vi और BSNL के ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
क्या नई व्यवस्था से साइबर फ्रॉड पर लगेगी रोक?
Facts/Details
CNAP सेवा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:
- सेवा का पूरा नाम: Calling Name Presentation (CNAP)।
- लागू होने की तारीख: 1 नवंबर 2026।
- निर्देश जारी करने वाला विभाग: दूरसंचार विभाग (DoT)।
- शुरुआत में नेटवर्क कवरेज: 4G और इससे नई तकनीक वाले वायरलेस नेटवर्क।
- संबंधित कंपनियां: Jio, Airtel, Vi और BSNL सहित सभी अधिकृत ऑपरेटर।
- नाम का स्रोत: टेलीकॉम ऑपरेटर के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी।
- अलग ऐप की जरूरत: नहीं।
- अलग आवेदन: सामान्य उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक नहीं।
- 2G और 3G नेटवर्क: फिलहाल शुरुआती चरण में शामिल नहीं।
- लैंडलाइन: अलग से विचार किया जाएगा।
- CLIR सुविधा: जिन ग्राहकों ने कॉलर की पहचान छिपाने की सुविधा ली है, उनका नाम प्रदर्शित नहीं होगा।
- विदेशी कॉल: अंतरराष्ट्रीय कॉल की पहचान अलग तरीके से प्रदर्शित की जा सकती है।
Statement
. FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल 1: CNAP सेवा कब से शुरू होगी?
जवाब: दूरसंचार विभाग के निर्देश के अनुसार 1 नवंबर 2026 से इसकी शुरुआत की जाएगी।
सवाल 2: क्या CNAP के लिए Truecaller डाउनलोड करना होगा?
जवाब: नहीं, यह टेलीकॉम नेटवर्क आधारित सुविधा है। इसके लिए किसी थर्ड-पार्टी ऐप की आवश्यकता नहीं है।
सवाल 3: क्या 2G और 3G मोबाइल में भी नाम दिखाई देगा?
जवाब: शुरुआती चरण में यह सुविधा 4G और उससे नई तकनीक वाले नेटवर्क के लिए है। 2G और 3G पर इसे बाद में अलग से लागू करने पर विचार किया जाएगा।
सवाल 4: यदि सिम किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर है तो किसका नाम दिखाई देगा?
जवाब: सामान्यतः टेलीकॉम ऑपरेटर के सब्सक्राइबर रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखाई देगा।
सवाल 5: क्या CNAP से सभी फर्जी कॉल बंद हो जाएंगी?
जवाब: नहीं, यह कॉल की पहचान में मदद करने वाली सुविधा है। इससे सभी फर्जी कॉल पूरी तरह बंद होने की गारंटी नहीं है।
Conclusion
1 नवंबर से CNAP सेवा मोबाइल कॉलिंग के अनुभव में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
अनजान नंबरों की पहचान आसान होने से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी।
हालांकि, साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्कता और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा पहले की तरह जरूरी रहेगी।